प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित बिलासपुर दौरा विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार माह पहले शिमला के रिज मैदान से चुनावी शंखनाद कर चुके मोदी बिलासपुर में रैली कर प्रदेश को कई सौगातें दे सकते हैं।
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कोठीपुरा में बहुप्रतिक्षित एम्स संस्थान के शिलान्यास के साथ नए टूरिस्ट सर्किट, बागवानी, विशेष पैकेज और रोड नेटवर्क को लेकर भी मोदी के पिटारे से कुछ न कुछ बाहर निकलने की उम्मीद लगाई जा रही है।
मोदी की रैली तय करेगी कि भाजपा का प्रचार किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। उधर, सियासी फ्रंट पर कांग्रेस पर हमला करने के साथ वे सीएम वीरभद्र को भ्रष्टाचार पर घेर सकते हैं। कोटखाई के गुड़िया प्रकरण पर भी उनकी तल्ख टिप्पणी आ सकती है।
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प्रदेश को मिल सकती हैं कई सौगातें
इतना ही नहीं, सीएम को केंद्र की फंडिंग पर उठाए सवालों का कड़ा जवाब भी मिल सकता है। पीएम जनसभा में केंद्र की उपलब्धियों और नई घोषणाओं की पैकेजिंग पेश करेंगे। चुनाव के लिहाज से यह दौरा भाजपा का सियासी तरकश मजबूत बनाने वाला साबित हो सकता है।
इससे निकलने वाले प्रचार अस्त्रों की काट निकालने में कांग्रेस नेतृत्व को नए सिरे से ब्यूह रचना पड़ेगा। पीएम की रैली को लेकर हिमाचल के फोकस एरिया का फीडबैक दिल्ली में पार्टी थिंक टैंक तय कर रहा है। पीएम के पिटारे से जो भी निकलेगा, उससे प्रदेश सरकार की दिक्कतें बढ़ाना तय है।
शिमला से अलग रहेगा बिलासपुर में मोदी मंत्र
पीएम की अप्रैल में शिमला रैली के बाद केंद्र और प्रदेश की सियासत में काफी कुछ बदला है। रिज से मोदी ने संकेत दिया था कि भ्रष्टाचार प्रदेश में बड़ा मुद्दा है। इस बीच गुड़िया प्रकरण ने प्रदेश की सियासत को नया रंग दे दिया।
कानून व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। केंद्र की फंडिंग को लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए। केंद्र ने जीएसटी लागू किया, जिसको लेकर अभी भी अस्पष्टता बनी हुई है।
महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस हमला कर रही है, जबकि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने वंशवाद के मुद्दे को छेड़ा है। इतना ही नहीं प्रदेश की बात करें तो कांग्रेस में अंतर्कलह दिल्ली के सियासी गलियारों में चर्चा बनी हुई।
मोदी की रैली को सफल बनाने की चुनौती
पीएम की रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा के सामने बड़ी चुनौती है। रैली में भीड़ का स्कोर बढ़ाने की रणनीति मोदी की लोकप्रियता के साथ जोड़ने की रहेगी।
भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री संगठन रामलाल सहित अन्य कई नेताओं के रैली से पहले प्रदेश में पहुंचेंगे। हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर के साथ क्षेत्र के स्थानीय विधायकों के अहम जिम्मेदारी रहेगी।
पांच माह में पीएम का दूसरा हिमाचल दौरा, तैयारियां तेज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच माह में दूसरे हिमाचल दौरे से भाजपा चुनावी फायदा लेने की तैयारी में है। प्रदेश भाजपा ने रैली की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है।
रैली में भारी भीड़ जुटाकर कांग्रेस को संदेश देने की कोशिश भी की जाएगी। आचार संहिता से पहले भाजपा के प्रचार अभियान को मोदी रैली और धार दे सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कार्यक्रम घोषित होने के बाद रैली के लिए प्रभारी तैनात कर दिए हैं। अप्रैल में शिमला के रिज मैदान से सस्ती उड़ान सेवा योजना शुरू करने के बाद अब पीएम मोदी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आ रहे हैं।
भाजपा उनके दौरे से अपने पक्ष में चुनावी माहौल बनाने की तैयारी कर रही है। मोदी के हिमाचल से पुराने रिश्तों को भुनाने के साथ मौजूदा केंद्र सरकार की प्रदेश सरकार को दी सौगातों को तरोताजा किया जाएगा।
69 नेशनल हाइवे, 3 मेडिकल कॉलेज, ऊना में पीजीआई स्तर का अस्पताल, शिमला को ट्रॉमा सेंटर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, स्मार्ट सिटी, आईआईएम जैसी कई सौगातों को उनके दौरे से जोड़ा जा रहा है। सतपाल सत्ती ने कहा कि भाजपा प्रदेश को एम्स संस्थान देने के लिए प्रधानमंत्री के लिए धन्यवाद स्वरूप एक विशाल रैली बिलासपुर में करेगी।
रैली में केंद्र तथा प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व सहित पूरे प्रदेश से कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि रैली के प्रभारी रणधीर शर्मा तथा सह प्रभारी प्रदेश सचिव त्रिलोक जंबाल तथा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री संजीव कटवाल को बनाया है।
कहा कि सरकार ने केंद्र की सहायता और योजनाओं को इसलिए लागू नहीं किया कि कहीं इसका श्रेय भाजपा को न मिल जाए। वीरभद्र सरकार ने अपना यह कार्यकाल बिना बजट की झूठी घोषणाएं करने तथा भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने में ही लगा दिया।