हिमाचल कांग्रेस की सह प्रभारी, एआईसीसी सचिव और प्रवक्ता रंजीत रंजन ने जय शाह मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते रहे हैं - न मैं खाऊंगा, न खाने दूंगा।
ऐसे में सवाल ये है कि अमित शाह के बेटे की कंपनियों को लाभ देने के लिए जिस तरह सत्ता का दुरुपयोग किया गया, क्या वही शाह का विकास का मॉडल है? कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी शाह के बेटे को अनावश्यक लाभ दिया है।
कांग्रेस मांग करती है कि इस मामले की जांच सुप्रीमकोर्ट के किसी सिटिंग जज से करवाई जाए। हिमाचल विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ ये मुद्दा होगा। रंजीत रंजन ने सोमवार को होलीडे होम में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
रंजीत रंजन ने कहा कि अहमदाबाद की एक वेबसाइट से अमित शाह के बेटे की कंपनियों में हुई इन अनियमितताओं की बातें पता चली हैं। इस वेबसाइट के सर्वर को भी अब स्लो कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे किसी को गुनहगार या बेगुनाह नहीं कह रही हैं।
हमें जो भी घोटाला नजर आ रहा है, उसका इन्हें जवाब देना चाहिए। क्या घोटाला हुआ है और उसमें क्या कमियां रही हैं? इन पर बातें साफ होनी चाहिए। जय शाह की कंपनी भाजपा के सत्ता में आने से पहले घाटे में रही।