फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एग्रीस्टैक परियोजना: हिमाचल के सभी किसानों और बागवानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य

Sat, 03 Jan 2026 03:47 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश के सभी किसानों और बागवानों के लिए फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य हो गया है। 
विज्ञापन
किसान - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के सभी किसानों और बागवानों के लिए फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य हो गया है। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों एवं बागवानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभपारदर्शी, लक्षित एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से भारत सरकार की एग्रीस्टैक पहल के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत प्रदेश के सभी किसानों एवं बागवानों की यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा रही है। कृषि एवं बागवानी विभाग की ओर से समन्वित रूप से इस कार्य को क्रियान्वित किया जा रहा है। फार्मर आईडी तैयार होने के बाद किसान-बागवान लाभार्थी के रूप में केंद्र  व राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कृषि, बागवानी, प्राकृतिक खेती, बीज, उर्वरक, सिंचाई, फसल बीमा अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे एवं बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकेंगे।

विज्ञापन

फार्मर आईडी बनाने के लिए किसानों- बागवानों को आधार आधारित प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित एवं पारदर्शी है। किसान स्वयं भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए वे घर बैठे ऑनलाइन फार्मर आईडी बना सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किसान गूगल पर Farmer Registry Himachal Pradesh सर्च कर सकते हैं या सीधे वेबसाइट https://hpfr-agristack-gov-in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।   वेबसाइट पर उपलब्ध एनआईसी डैशबोर्ड के माध्यम से फार्मर विकल्प पर क्लिक कर पहले अपना यूजर अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद किसान अपनी भूमि एवं कृषि से संबंधित विवरण भरकर आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी जानकारियों के सफल सत्यापन के बाद फार्मर आईडी जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन

जिन किसानों एवं बागवानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा हो, वे अपने निकटतम लोकमित्र केंद्र में जाकर निशुल्क फार्मर आईडी बनवा सकते हैं, जहां उन्हें आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अतिरिक्त किसान संबंधित कृषि-बागवानी अधिकारी से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के सभी किसानों व बागवानों से आग्रह किया जाता है कि वे समय रहते अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना, अनुदान अथवा सहायता से वंचित न रहना पड़े। यह पहल किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें