उन्होंने कहा कि घाटे से उभरने के लिए अनेक ऐसी संभावनाएं मौजूद हैं जिनका पता लगाकर उपयुक्त दोहन आवश्यक है। बैठक में अवगत करवाया गया कि निगम पर 1.40 करोड़ रुपये की पिछली देनदारियां है। जिन्हें मौजूदा संसाधनों से पूरा नहीं किया जा सकता और इसके लिए 1.50 करोड़ रुपये के अनुदान की
तुरंत आवश्यकता है। इसका मामला सरकार को भेजा जाएगा। बैठक की कार्यवाही का संचालन एग्रो इंडस्ट्रीज कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक मदन चौहान ने किया। वित्त सचिव अक्षय सूद, निदेशक बागवानी सहित निगम के अन्य निदेशक बैठक में उपस्थित थे।