हिमाचल की जनता को दी गईं दो और गारंटियों पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। किसानों से गांव का दूध 80 और भैंस का दूध 100 रुपये लीटर खरीदने के लिए कमेटियां बनाने का फैसला लिया गया है। किसानों से दो रुपये किलो गोबर खरीदने पर भी अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के वैज्ञानिकों की टीम लुधियाना भेजी जा रही है।
वैज्ञानिकों से इस बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। सरकार का मानना है कि नीदरलैंड से भी गोबर खरीदकर गुजरात लाया जा रहा है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि नीदरलैंड के गोबर में नाइट्रोजन ज्यादा होती है। इसके कारणों का पता लगाया गया है। कृषि विभाग के वैज्ञानिक इस तकनीक का भी अध्ययन कर रहे हैं। नीदरलैंड में पशु ज्यादातर चहारदीवारी के भीतर रहते हैं। इनके गोबर में नाइट्रोजन ज्यादा है फिर भी वहां का गोबर बिक रहा है।
हिमाचल के पशु ज्यादातर खुले में रहते हैं। जंगलों में चरते हैं। इनके गोबर में नाइट्रोजन कम है। ऐसे में यह गोबर ज्यादा बिकेगा। पहले इसे कुछेक गांवों में यह योजना को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हर दिन एक किसान से 10 लीटर तक दूध खरीद की गारंटी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से किसानों की आय में इजाफा होगा। उन्हें दूध के अच्छे दाम मिल सकेंगे।