कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर आठ सौ किसानों को खेती से आय बढ़ाने संबंधी प्रशिक्षण देगा। विश्वविद्यालय और सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजीवीएनएल) के बीच इस बाबत समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं।
विवि के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने कहा कि निपुणता विकास से प्रदेश के किसानों और उद्यमियों को अपनी आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को समन्वित कृषि को समझने भी मदद मिलेगी और वे कृषि-आधारित कई उद्यम शुरू कर पाएंगे।
शून्य लागत प्राकृतिक खेती घटक को भी प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि सतलुज विद्युत निगम लिमिटेड की ओर से 58 लाख रुपये इस कार्यक्रम के लिए उपलब्ध करवाए जाएंगे।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. यशपाल ठाकुर ने कहा कि समझौते के तहत 800 किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा और किसानों को वैज्ञानिक विधि से कृषि, पुष्प उत्पादन, सब्जी-उत्पादन, मशरूम-उत्पादन, मधुमक्खी पालन, औषद्यीय पौधों की खेती, नर्सरी लगाने की तकनीकों समेत कई कार्यों को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा।
एसजीवीएनएल के प्रतिनिधि डॉ. गोपेश ठाकुर ने कहा कि यह समझौता निगम के संयुक्त सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत किया गया है। इस मौके पर सतलुज विद्युत निगम लिमिटेड के एचआर प्रतिनिधि के अतिरिक्त प्रसार निदेशालय से वरिष्ठ प्रसार विशेज्ञ डॉ. देश राज चौधरी, डॉ. वीके शर्मा और विश्वविद्यालय के सूचना एवं जन संपर्क इकाई के संयुक्त निदेशक डॉ. हृदयपाल सिंह मौजूद रहे।