कारोबारियों ने किया अनशन, दिया धरना, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लक्कड़ बाजार में कुछ तहबाजारियों को बैठाने और इसमें पिक एंड चूज किए जाने का लगातार विरोध कर रहे लक्कड़ बाजार के कारोबारियों ने मंगलवार को एक दिन का अनशन रखा। कारोबारियों ने बाजार में धरना-प्रदर्शन दिया और पूरे दिन दुकानें बंद रखीं। इस दौरान कारोबारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और बाजार को पूरी तरह तहबाजारियों से मुक्त करने तथा उन्हें वेंडिंग जोन बनाकर वहां शिफ्ट करने की मांग की।
कारोबारियों ने चेताया कि यदि सभी तहबाजारियों को नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर इसके विरोध में उतरेंगे। इसके लिए पूरी तरह नगर निगम प्रशासन जिम्मेदार होगा। कारोबारियों के विरोध के दौरान पूरा दिन बाजार में तहबाजारी नहीं बैठे।
अनशन पर बैठे कारोबारी ओम प्रकाश, गोपाल, देशराज, अभिमन्यु, सुखदेव, शांति, गीतांजलि, विक्की, ललित, मदन और हर्षित ने कहा कि लक्कड़ बाजार पहले से ही हेरिटेज और नो वेंडिंग जोन है। ऐसे में नगर निगम ने यहां तहबाजारियों को कैसे बिठाया और उनके बाकायदा कार्ड तक बनाए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शहर के तहबाजारियों की हुई वीडियोग्राफी में लक्कड़ बाजार में सिर्फ 11 तहबाजारी थे। इनमें से आज केवल छह ही रह गए हैं। इसके बावजूद वर्तमान में लक्कड़ बाजार में करीब 42 तहबाजारी नालियों के ऊपर, होटल व्हाइट के सामने और पुलिस चौकी तक जगह-जगह बैठ रहे हैं। डीएवी स्कूल के दूसरे गेट के सामने तक नगर निगम ने चार तहबाजारियों को जगह मार्क कर बिठाया है।
कारोबारियों ने कहा कि यह सब नगर निगम की नाकामी है। वर्ष 2017 में शहर में पंजीकृत तहबाजारियों की संख्या 504 थी, जो आज 1500 के पार पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को केंद्र से पैसा आया। स्मार्ट सिटी के तहत भी करोड़ों रुपये का बजट वेंडिंग जोन बनाकर तहबाजारियों को अलग से बसाने के लिए आया। नगर निगम बताए कि वह पैसा कहां खर्च हुआ, कितने वेंडिंग जोन बनाए गए और कितने तहबाजारियों को बाजारों से हटाकर वहां बसाया गया।
कारोबारी ओम प्रकाश और सुखदेव सिंह ने कहा कि नगर निगम लक्कड़ बाजार को पूरी तरह तहबाजारियों से मुक्त करे और उन्हें कहीं और वेंडिंग जोन में शिफ्ट करे। उन्होंने कहा कि बाजार में तहबाजारियों को नहीं बैठने दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि लाल झंडे के संरक्षण में तहबाजारी बैठते हैं तो कारोबारी उन्हें स्वयं उठाएंगे। इससे पैदा होने वाले हालात के लिए पूरी तरह नगर निगम प्रशासन जिम्मेदार होगा।
कारोबारियों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को उग्र करते हुए चक्का जाम भी किया जा सकता है। कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि नो वेंडिंग और हेरिटेज जोन घोषित लक्कड़ बाजार में वे तहबाजारियों को बैठने नहीं देंगे।
देर शाम छह बजे तक कारोबारियों का अनशन और धरना जारी रहा। खाने-पीने के सामान की दो दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें बंद रहीं।