बोले-तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
जांच अधिकारी बदलने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में 27 फरवरी को हुई हिंसा के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को बालूगंज थाना का घेराव कर प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन पर मामले में धीमी कार्रवाई व एकतरफा जांच के आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान परिषद ने पुलिस प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी कि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान परिषद ने मांग रखी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की हिंसक घटनाएं न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि इससे छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण दोनों प्रभावित होते हैं। इकाई उपाध्यक्ष अंकुश वर्मा ने कहा कि 27 फरवरी की घटना ने विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से परिसर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रदेश सह मंत्री भवानी ठाकुर जो इस घटना में घायल हुए थे ने कहा कि हमले में छात्र प्रतिनिधियों को निशाना बनाया गया और अब तक दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। एबीवीपी ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाते हुए मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को बदलने की मांग की। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि जांच को नए अधिकारी को नहीं सौंपा गया और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
यह है मामला27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के पास दोपहर करीब तीन बजे छात्र संगठनों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। एबीवीपी के अनुसार रसायन विज्ञान विभाग से लौट रहे उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। इस दौरान मारपीट में दो छात्र गंभीर रूप से घायल हुए जिनके सिर पर चोटें आईं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिषद ने आरोप लगाया कि हमले में तेजधार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात काबू में करने पड़े। मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से असंतोष बना हुआ है जिसको लेकर संगठन लगातार विरोध जता रहा है।