जनवादी महिला समिति ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
एडीसी के माध्यम से सरकार को भेजा मांगपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने शुक्रवार को जिला मंडी में एसिड अटैक की शिकार हुई महिला ममता की मृत्यु के बाद इस घटना के विरोध में और ममता को न्याय की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद समिति का प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून व्यवस्था से मिला और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र सौंपा।
जनवादी महिला समिति की मंडी इकाई ने 16 नवंबर को महिला के चेहरे पर एसिड फेंकने की घटना के विरोध में प्रदर्शन किया था। उपायुक्त के माध्यम से महिला के मुफ्त उपचार की मांग भी की थी। जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि वीरवार को महिला की मौत हो गई। ऐसे घिनौने कृत्य को उसके पति ने अंजाम दिया। यह दुखद और रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना है। एसिड अटैक का यह पहला मामला नहीं है। मंडी में पहले भी दो मामले सामने आ चुके हैं। शिमला में भी एक मामला ऐसा घटित हो चुका है। महिलाओं पर हिंसा और अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। फालमा ने कहा कि पिछले एक डेढ़ महीने में ही कुल्लू में महिला के साथ दुष्कर्म, सोलन में महिला के साथ दुष्कर्म, हमीरपुर में गला काटकर हत्या, चंबा में विधायक पर युवती की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की घटना भी सामने आई है। अब जिला मंडी में हुए एसिड अटैक की घटना हुई है। यह केवल महिलाओं नहीं पूरे समाज और प्रदेश के लिए एक चिंता का विषय है। समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने कहा कि महिलाएं आज घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं। यह समस्या सिर्फ महिलाओं की ही नहीं है यह समस्या सामाजिक, राजनीतिक के साथ प्रशासनिक और कानून व्यवस्था बिगड़ने की समस्या भी है। फालमा चौहान ने सरकार से एसिड बेचने वालों और फेंकने वाले दोनों पर कड़ी कार्रवाई करने और सजा देने की मांग की है। वहीं मृतिका के बच्चों को सरकार की ओर से राहत और उनके पालन पोषण के साथ सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की। उसके एक बच्चे को सरकारी नौकरी दी जाए। प्रदर्शन को राज्य कोषाध्यक्ष हिमी ने भी संबोधित किया।