हिमाचल के जिला ऊना की अंब पंचायत के दो टुकड़े करने पर नाराज विधायक बलबीर चौधरी के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने के कुछ घंटे बाद ही नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया। अपनी ही पार्टी के विधायक की नाराजगी और उसके बाद फैसला पलटने की अधिसूचना जारी करना दिनभर चर्चा में रहा। हालांकि, सोशल मीडिया में तो सफेद लिफाफे में उनका इस्तीफा पत्र शिमला ले जाने की अफवाहें वायरल होती रहीं, लेकिन अमर उजाला से बातचीत में विधायक ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
बीते दिन अंब पंचायत को दो हिस्सों में विभाजित कर दिया गया, जबकि लोग और जनप्रतिनिधि नगर परिषद की मांग उठाते रहे हैं। इससे चिंतपूर्णी से भाजपा विधायक बलबीर, उनके समर्थक और कार्यकर्ता खफा हो गए। नाराजगी जताने के लिए वह सीएम जयराम ठाकुर से मिलने शिमला पहुंचे। सीएम से मिलने के बाद नगर पंचायत अंब के गठन की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद सारा मामला शांत हो गया, लेकिन इस बीच सोशल मीडिया में विधायक के इस्तीफे की पोस्ट वायरल हो गईं।
सीएम जयराम ठाकुर हालांकि पहले भी अंब को नगर पंचायत बनाने की घोषणा कर चुके थे, लेकिन सोमवार को अंब पंचायत को विभाजित कर दो पंचायतें बनाने की अधिसूचना जारी होने के बाद रोष पैदा हो गया। बता दें कि अंब को नगर परिषद या नगर पंचायत बनाने को लेकर स्थानीय लोगों की वर्षों से मांग थी। इसके लिए विधायक बलबीर चौधरी लगातार प्रयासरत थे।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर गलत : विधायक
चिंतपूर्णी के विधायक बलबीर चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार और संगठन के प्रति कोई नाराजगी नहीं है। अंब पंचायत के विभाजन को लेकर जनता में रोष था। उन्होंने बताया कि अब अंब को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस्तीफे की खबर को गलत बताया।