उधर, पीएम मोदी के धर्मशाला प्रवास के दौरान पौंग बांध विस्थापितों की समिति धरना-प्रदर्शन करेगा। समिति की राजा की तालाब में हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई। एक मत से यह भी निर्णय लिया गया कि पौंग बांध विस्थापित राज्य में होने वाले आम चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष हंस राज ने बताया कि प्रदेश और केंद्र की सरकारें उनकी भूमि अलॉटमेंट संबंधी लटके हुए मामलों का समाधान करने में विफल रही हैं। केंद्र की मौजूदा सरकार को विस्थापितों की चिंता नहीं है। प्रदेश और राजस्थान सरकार भी इस मामले को लेकर कुछ नहीं कर रही है।
पौंग बांध विस्थापितों के मामले में आंखें बंद कर उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश पौंग बांध विस्थापित समिति के बैनर तले पौंग बांध विस्थापित 17 जून को प्रधानमंत्री के कांगड़ा जिले के दौरे के दौरान अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान एमएल कौंडल, उपप्रधान कुलदीप शर्मा, जनरल सेक्रेटरी हुक्म चंद, विशंभर पगरोत्रा, प्यारे लाल, मुलख राज मौजूद रहे।