ढाई माह से कोरोना के चलते लॉकडाउन में वह काफी परेशान था। शनिवार रात को खाना खाने के बाद मान सिंह व दीपक सिंह सो गए। सुबह मान सिंह के नहीं उठने पर बच्चे ने पड़ोसियों को बताया। हार्ट अटैक की आशंका होने पर मान सिंह को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने मान सिंह को मृत घोषित कर दिया। समाजसेवी हेमंत शर्मा की टीम ने मृतक का अंतिम संस्कार करवा दिया है।
मासूम बच्चे का एकमात्र सहारा सदा के लिए अकेला छोड़ कर चला गया। आसपास के लोगों ने बेसहारा बच्चे को खाने की व्यवस्था कर दी। लेकिन, रविवार को उस वक्त अचानक मासूम की दिक्कतें बढ़ गईं, जब मकान मालिक ने कमरा खाली करवा दिया। इससे अनाथ बच्चे की सहायता करने वाले आसपास के पड़ोसी भी परेशान नजर आए।
फिलहाल पड़ोसियों ने दीपक को दिया आश्रय
देवीनगर निवासी जगदीप ठाकुर, सतीश कुमार व योगराज समेत पड़ोसियों ने अनाथ बच्चे की सहायता की। एक पड़ोसी ने बच्चे को कुछ दिनों के लिए पनाह दे दी। दूसरे ने बच्चे को अपने कमरे में सामान रखने को हामी भरी। देवीनगर के लोगों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से अनाथ हुए मासूम दीपक को सहारा देने की मांग की है।
दीपक की करेंगे सहायता: कपिल
तहसीलदार पांवटा कपिल तोमर ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। मासूम बच्चे के पिता मान सिंह की मौत के दो दिन बाद ही किराये का कमरा खाली करवाने की बात सुनकर वह स्वयं हैरान हैं। सोमवार को पांवटा के देवीनगर पहुंच कर पीड़ित बच्चे दीपक सिंह (12) से मिलेंगे। प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद की जाएगी।