दोनों चिकित्सकों को बाहर लाने पर अड़े रहे लोग, माहौल बिगड़ता देख मौके पर पुलिस बल तैनात, अस्पताल में सिर्फ तीमारदारों को दिया जा प्रवेश
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कुपवी के सैकड़ों ने प्रदर्शन कर उठाई कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में श्वास रोगी के साथ डॉक्टरों के मारपीट मामले से लोगों में भारी गुस्सा है। इस घटना के बाद भारी संख्या में परिजनों और चौपाल क्षेत्र के लोगों ने एमएस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
लोगों ने इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम मौके पर पहुंची) और अस्पताल को अपने घेरे में ले लिया। मरीज के परिजन मारपीट के आरोपी दोनों चिकित्सकों को बाहर लाने पर अड़े रहे। समाजसेवी नरेश दास्टा, मरीज के भाई रमेश ठाकुर और बीजू पवार सहित मौजूद अन्य परिजनों ने चिकित्सक का वीडियो आम जनता को दिखाया और बताया कि किस तरह से बिस्तर पर लेटे श्वास रोगी को डॉक्टर ने मुंह पर घूंसे मारे। नरेश ने कहा कि चिकित्सक भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन जिस तरह से मरीज को डॉक्टर ने मारा है, वह शैतान लग रहा है। ऐसे चिकित्सकों को अस्पताल में रहने का कोई हक नहीं है। परिजनों ने चिकित्सकों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। परिजन चेस्ट एंड टीबी वार्ड के बाहर डटे रहे जिसमें दोनों चिकित्सक अंदर थे।
परिजनों ने शंका जताई कि डॉक्टर का भी मेडिकल करवाओ कहीं उन्होंने नशा तो नहीं कर रखा था। वार्ड के बाहर अड़े परिजनों ने आईजीएमसी प्रबंधन को भी घेरा और कहा कि यदि यह वीडियो नहीं बनता तो डॉक्टरों की यह करतूत सामने नहीं आती। अस्पताल के सीसीटीवी कैमरा और सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े किए। मौके पर मौजूद चिकित्सकों और पुलिस के जवानों ने किसी तरह परिजनों को शांत कर बाहर वार्ड के बाहर भेजा। वार्ड के बाहर चौपाल के कुपवी क्षेत्र के लोग चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर अड़े रहे। इस दौरान अस्पताल में सिर्फ मरीजों और परिजनों को ही जाने की अनुमति दी जा रही थी। मरीज की मामी लक्ष्मी ने कहा कि हम मार खाने के लिए नहीं उपचार करवाने को अस्पताल आते हैं, मरीज ने डॉक्टर के साथ कोई बदतमीजी नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम करीब दो सौ लोग तब तक यहां डटे रहेंगे जब तक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।