अतिरिक्त महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि योग्यता में सुधार करने वाले ऐसे शास्त्री उम्मीदवारों को मौका देने का निर्णय वर्ष 2016 में ट्रिब्यूनल की ओर से दिए गए फैसले के तहत दिया गया था। इस निर्णय में निर्देश दिया गया था कि उनकी शास्त्री की डिग्री को सुधार के वर्ष के बजाय प्रारंभिक पास होने के वर्ष से माना जाए। अदालत ने पाया कि चूंकि विनोद कुमार शर्मा मामले में पारित फैसला अंतिम रूप ले चुका है, इसलिए योग्यता में सुधार करने वाले उम्मीदवारों पर विचार करने में प्रतिवादियों की ओर से कोई अवैधता नहीं की गई है।
क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी के आरोपी को जमानत नहीं मिली
हाईकोर्ट ने क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले में आरोपी विजय कुमार जुनेजा की जमानत खारिज कर दिया है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने कहा कि आरोपी विजय कुमार गंभीर आर्थिक अपराध में शामिल है, जो देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। अदालत ने कहा कि गंभीर आर्थिक अपराधों में जमानत के लिए सिर्फ लंबी कैद पर्याप्त आधार नहीं हो सकती। अदालत ने आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में जमानत देने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि ये अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि केवल विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में लंबी अवधि तक रहना ही जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है, खासकर जब मामले के तथ्य और परिस्थितियां तथा समाज का हित इसकी अनुमति न दें। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा दुबई भाग गया है। आशंका व्यक्त की गई कि जमानत दिए जाने पर याचिकाकर्ता भी न्याय से भाग सकता है। सार्वजनिक धन के बड़े नुकसान को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया।