तहसील कार्यालय घुमारवीं के रिकॉर्ड रूम से दो शपथ पत्र गुम कर दिए गए हैं। इस सरकारी रिकॉर्ड को ठीक से नहीं रख पाने के मामले में राज्य सूचना आयोग तल्ख हो गया है। आयोग ने डीसी बिलासपुर को मामले में उपयुक्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। स्वतंत्रता सेना सम्मान पेंशन के लिए एक आवेदक ने 22 साल पुराने ये दो हलफनामे मांगे थे, जो नहीं मिले।
आवेदक ओमप्रकाश शर्मा ने 19 अप्रैल 2017 में आरटीआई एक्ट के तहत इन शपथ पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदक के अनुसार यह शपथ पत्र तीता राम और सुभ राम की ओर से पेश किए गए थे। इन्हें 24 अगस्त, 1994 को बनाया गया था। आवेदक ओम प्रकाश को तहसील कार्यालय घुमारवीं से सूचना नहीं मिली तो उन्होंने प्रथम अपीलीय अथॉरिटी के समक्ष अपील की।
उन्हें शपथ पत्र की प्रतियां भी दिखाईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इन प्रतियों को अटेस्ट कराना है। बावजूद इसके सूचना नहीं मिली तो आवेदक ने आयोग के समक्ष यह दूसरी अपील की। आयोग के समक्ष जन सूचना अधिकारी ने बताया कि यह सूचना तहसील कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। इसे ट्रेस करने के लिए एसडीएम ने एक कमेटी भी बनाई है।
चूंकि, यह सूचना उपलब्ध नहीं है, इसलिए नहीं दी जा सकती है। इस पर आयोग ने कहा कि आवेदक के पास यह स्थापित करने के लिए कुछ सुराग है कि शपथ पत्र की रिकॉर्ड में एंट्री की गई थी, इसलिए यह सूचना दी जा सकती थी।
दूसरी अपील के दौरान आवेदक ने एक शपथ पत्र एसडीएम घुमारवीं को दूसरी अपील के दौरान दिखाए भी हैं। पब्लिक अथॉरिटी ने अपने रिकॉर्ड को ठीक से नहीं रखा है। इस मामले को उपयुक्त कार्रवाई के लिए डीसी बिलासपुर के नोटिस में डाला गया है।