हिमाचल प्रदेश में 12 वर्ष से कम आयु और 30 किलोग्राम से कम भार वाले वायु क्रीड़ाएं नहीं कर सकेंगे। पहले 40 किलोग्राम वजन की शर्त रखी गई थी। प्रदेश सरकार ने हवाई क्रीड़ा नियम 2021 अधिसूचित कर दिए हैं। हवाई क्रीड़ा के उपकरणों के ओवरलोडिंग और अंडरलोडिंग पर भी रोक लगा दी है। पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियों के लिए सरकार ने सुरक्षा बंदोबस्त सख्त कर दिए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली और एडवेंचर टूअर एसोसिएशन ऑफ इंडिया से चर्चा करने के बाद नियम तय किए गए हैं। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने नए नियम राजपत्र में अधिसूचित कर दिए हैं।
बिना मंजूरी हवा में होने वाली खेल गतिविधियां प्रदेश में नहीं होंगी। आवश्यक सुरक्षा नियम पूरा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरी मानक पूरे न करने पर हादसा होने की स्थिति में इसमें कड़ी कार्रवाई के साथ सजा का प्रावधान भी रखा गया है। कुल्लू, मनाली, सोलंगनाला, कांगड़ा के बीड़ बिलिंग समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में इन खेलों का आयोजन होता है। विदेशी नागरिकों को इन खेल गतिविधियों को चलाने का प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे, नशा किए व्यक्ति, कमजोर हृदय, मिर्गी, फेफड़ों के विकार, दमा रोगी और गर्भवती महिलाएं इन खेलों में भाग नहीं ले सकते।
10,000 रुपये में होगा खेल गतिविधि करवाने का पंजीकरण
हवाई क्रीड़ा से संबंधित खेल गतिविधियां करवाने के लिए सरकार ने पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण फीस 10,000 रुपये तय की गई है। अभी तक पंजीकरण फीस 2,000 रुपये था। पंजीकरण तीन वर्ष के लिए होगा। हर वर्ष एक जून से 16 अगस्त और एक नवंबर से एक मार्च तक ही पंजीकरण होगा।
पायलट का 21 वर्ष की आयु, बारहवीं कक्षा पास होना जरूरी
सरकार ने हवाई क्रीड़ा करवाने वाले पायलट की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं कक्षा पास तय की है। पायलट के पास अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली या इस स्तर के किसी अन्य संस्थान से सोलो पायलट के रूप में कम से कम पी फोर स्तर का प्रशिक्षण और 100 घंटे की सोलो उड़ान और कम से कम 35 किलोमीटर एक्स सी उड़ान का अनुभव हो।