प्रवक्ता विकास ने कहा कि वाहन के आकार, वहन क्षमता आदि के अनुसार मालभाड़े की दरों के लिए खुली निविदा प्रक्रिया (टेंडर) होनी चाहिए। ऐसे मामले सभी हितधारकों के सामने आने वाले मुद्दों को समझकर ही सुलझाए जा सकते हैं न कि एक-दूसरे पर दोषारोपण करके।
ट्रक ऑपरेटरों और अदाणी समूह के बीच चल रहे विवाद के बीच अदाणी समूह का एक और बयान आया है। इसमें अदाणी समूह ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की ट्रक यूनियनों के अड़ियल रवैये को विवाद के लिए जिम्मेवार ठहराया है। प्रवक्ता विकास ने कहा कि वाहन के आकार, वहन क्षमता आदि के अनुसार मालभाड़े की दरों के लिए खुली निविदा प्रक्रिया (टेंडर) होनी चाहिए। ऐसे मामले सभी हितधारकों के सामने आने वाले मुद्दों को समझकर ही सुलझाए जा सकते हैं न कि एक-दूसरे पर दोषारोपण करके। कंपनी इस समस्या के समाधान का प्रयास कर रही है। उन्होंने इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए परिवहन संघों सहित सभी हितधारकों से सहयोग की मांग की है।
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कंपनी के प्रवक्ता विकास ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के लोगों से उनका चार दशक पुराना रिश्ता है। यह न केवल निर्माण कार्यों के साथ जुड़ा हुआ है, बल्कि बरमाणा और दाड़लाघाट के समुदायों के कल्याण के बारे में भी है। क्षेत्र के लोगों को सीमेंट सस्ते दामों पर मिलना चाहिए, लेकिन यह ट्रांसपोर्ट यूनियनों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश में ट्रांसपोर्ट की लागत अधिक होने से ही हिमाचल में सीमेंट की कीमत बहुत अधिक है। बरमाणा और दाड़लाघाट सीमेंट संयंत्र लंबे समय से मौजूद हैं और इससे स्थानीय लोगों की आर्थिकी और राज्य के राजस्व में भी सुधार हुआ है। दोनों कंपनियां राज्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर सबसे बड़ी रोजगार प्रदाता हैं। परिवहन से संबधित विभिन्न अक्षमताओं के कारण समूह के दो सीमेंट संयंत्र बंद हो गए हैं।
अदाणी समूह को दूसरा नोटिस देने की तैयारी
अदाणी समूह ने सीमेंट विवाद पर सरकार के नोटिस का मंगलवार तक कोई जवाब नहीं दिया है। उद्योग विभाग के माध्यम से कंपनी को सरकार ने हफ्ते बाद दूसरा नोटिस देने की तैयारी कर ली है। सरकार और प्रशासन को विश्वास में लिए बिना कंपनी ने दोनों प्लांट शट डाउन किए हैं। इसके बाद से दाड़लाघाट और बरमाणा में ट्रक कारोबार से जुड़े लोगों और सीमेंट उद्योग से रोजगार जुटाए 30 हजार से अधिक लोगों के जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। उद्योग निदेशक ने गत 16 दिसंबर को एसीसी और अंबुजा प्रबंधन को नोटिस दिया था। राज्य के उद्योग निदेशक राके श प्रजापति ने कहा कि सरकार बुधवार को इस मामले पर विस्तार से चर्चा करके दूसरा नोटिस कंपनी को जारी करेगी।