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अदाणी सीमेंट विवाद : ट्रकों-ऑपरेटरों पर बैंकों का 98 करोड़ का कर्ज, पेट्रोल पंपों की पांच करोड़ की देनदारी

Fri, 17 Feb 2023 10:38 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर

सार

ट्रक ऑपरेटरों पर सरकारी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों का 98 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालात यह हैं कि ऑपरेटर जिन पेट्रोल पंपों से गाड़ियों में डीजल भरवाते थे, उनकी भी पांच करोड़ की देनदारी है।
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ट्रक ऑपरेटर- फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एसीसी सीमेंट प्लांट बंद होने से बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) बरमाणा के ऑपरेटरों की आमदनी बंद हो गई है। दो माह से सहकारी सभा की कार्यकारिणी इस विवाद को सुलझाने के लिए सरकार के साथ बैठकों की परंपरा को तो पूरा कर रही है, लेकिन प्लांट शुरू करने के लिए धरातल पर कोई बड़ी कोशिश नजर नहीं आई है।

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वर्तमान में सभा के ऑपरेटरों पर सरकारी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों का 98 करोड़ रुपये का कर्ज है। हालात यह हैं कि ऑपरेटर जिन पेट्रोल पंपों से गाड़ियों में डीजल भरवाते थे, उनकी भी पांच करोड़ की देनदारी है। प्लांट बंद होने के बाद उम्मीद थी कि जल्द सरकार और बीडीटीएस इसका समाधान करेगी, लेकिन दो माह बाद भी मुद्दे को सुलझाया नहीं गया। मार्च 2021 में बीडीटीएस के चुनाव हुए थे।

जीत राम गौतम की अध्यक्षता में कार्यकारिणी बनी थी। दो माह पहले बहुमत राकेश ठाकुर को बहुमत मिला और एक साल से पहले ही कार्यकारिणी भंग कर नई कार्यकारिणी बनाई गई। ऑपरेटरों को भरोसा था कि कार्यकारिणी के सदस्य उनकी लड़ाई हर स्तर पर लड़ेंगे, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। सरकार की मध्यस्थता के बाद भी अदाणी समूह अपनी शर्तों पर अड़ा है।
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हालात यह है कि समस्या का समाधान न होने के कारण बीडीटीएस में गुटबाजी भी बढ़ती नजर आ रही है। कुछ ऑपरेटर चाहते हैं कि कार्यकारिणी कमेटियों का गठन करे और उन्हें बड़े आंदोलन का जिम्मा सौंपे। इसके लिए सबसे पहले एक्शन कमेटी का गठन आवश्यक है, लेकिन वर्तमान प्रधान इसके लिए तैयार नहीं हैं। बीडीटीएस के लचीले रवैये से ऑपरेटर परेशान हैं। उनका कहना है कि उन्हें कोई भी समाधान नहीं दिख रहा है। बरमाणा में जो लोग एक माह में एक लाख की कमाई करते थे, वे अब 100 रुपये कमाने के लिए भी तरस रहे हैं।

सीमेंट नगरी के नाम से प्रसिद्ध बरमाणा बाजार सुनसान
सीमेंट नगरी के नाम से प्रसिद्ध बरमाणा का बाजार सीमेंट उद्योग बंद होने के बाद पूरी तरह से सुनसान हो गया है। जहां दुकानदारों को पूरा दिन काम से फुर्सत नहीं मिलती थी, वे अब एक-एक ग्राहक का रास्ता ताकते हैं। बरमाणा में कारोबार पूरी तरह खत्म हो गया है।

बिलासपुर जिले की आर्थिकी की रीढ़ पर बड़ी चोट, 70 फीसदी घटी आमदनी
एसीसी सीमेंट प्लांट बंद होने के बाद बरमाणा की ही नहीं, पूरे जिले की आर्थिकी पर असर पड़ा है। जिले की आर्थिकी की रीढ़ पर बड़ी चोट हुई है। प्लांट बंद होने से जिले की 70 फीसदी आमदनी घटी है। इसमें ढाबा संचालक, मेकेनिक, चाय ब्रेड विक्रेता, सब्जी और फल विक्रेता, ट्रकों के कलपुर्जे बेचने वाले छोटे व्यवसाय शामिल हैं।

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