हिमाचल में किसी अधिकारी ने अगर हर काम के लिए लोगों से शपथपत्र मांगा तो उसके खिलाफ सरकारी आदेश की अवमानना के तहत कार्रवाई होगी। लोगों का समय और पैसा बचाने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस बारे में नए आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने सरकारी कामकाज में शपथपत्र की प्रथा खत्म करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह नई व्यवस्था कई कार्यालयों में धरातल पर लागू नहीं हो पाई।
ऐसे में सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग ने नए कार्यालय आदेश निकालकर सभी विभागों, अर्द्ध सरकारी और स्वायत्त संस्थानों को अवगत करवाया है कि वे अनावश्यक रूप से शपथपत्र न मांगें। शपथपत्र तभी लिए जाएं, जहां एक्ट या रूल्स में इन्हें लेने का जरूरी प्रावधान है। कोर्ट, अर्द्ध न्यायिक संस्थानों आदि में सरकार के यह आदेश लागू नहीं होंगे।