हिमाचल में अब कारोबारी और दवा विक्रेता एमआरपी से ज्यादा दामों पर मास्क और सैनेटाइजर नहीं बेच सकेंगे। अगर कोई कारोबारी ज्यादा दामों पर इन्हें बेचता पाया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में सैनेटाइजर और मास्क की मांग बढ़ी है। दुकानदार या तो मास्क और सैनेटाइजर में अलग रेट चिपका रहे हैं या फिर इन्हें एमआरपी से ज्यादा दामों पर बेचे रहे हैं।
सरकार को मिली शिकायत के बाद खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जमाखोरी और मुनाफा खोरी एक्ट-1977 के तहत खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारी व इंस्पेक्टरों के अलावा सीएमओ, बीएमओ और ड्रग इंस्पेक्टर को भी छापामारी के लिए अधिकृत किया है।
कारोबारियों की मांग के चलते सरकार ने जमाखोरी और मुनाफा खोरी एक्ट-1977 में छूट दी थी। मास्क और सैनेटाइजर के बढ़ते दामों के चलते इसे लागू कर दिया गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए हैं कि वे दवा दुकानदारों और कारोबारियों पर नजर रखें। अगर कोई कारोबारी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।
बीमारी से सहमे अफसर
बीमारी को लेकर सचिवालय के अफसर सहम गए हैं। कई अफसरों ने अपने प्राइवेट सेक्रेटरी को निर्देश दिए हैं कि मिलने वालों को इकट्ठा के बजाय एक-एक कर कमरे में भेजें।