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हिमाचल: मनरेगा की मजदूरी समय से जारी न करने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई, मंत्री ने विधानसभा में किया एलान

Tue, 14 Dec 2021 09:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन/धर्मशाला

सार

पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि मनरेगा में मैटीरियल कंपोनेंट का पैसा चुकता नहीं किया गया है। 
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पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को पांच माह तक वेतन न मिलने के मामले में दोषी अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि मनरेगा में मैटीरियल कंपोनेंट का पैसा चुकता नहीं किया गया है। मजदूरों को समय से भत्ता न देने पर भी सवाल उठाए। मनरेगा के मस्टररोल में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए। विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि 2018-19 में मनरेगा के तहत 270 लाख कार्य दिवस की जगह 280 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए। 2020-21 में लक्ष्य से अधिक 336 लाख कार्य दिवस अर्जित हुए। इस साल 250 लाख की एवज में 233.94 लाख कार्य दिवस अर्जित कर लिए गए हैं।

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सरकार ने केंद्र से कोटा बढ़ाने की मांग की है। लक्ष्य से अधिक काम के चलते मजदूरों की दिहाड़ी और मैटीरियल की राशि अदा नहीं हो पाई। केंद्र से यह पैसा अभी नहीं मिला है। केंद्र ने 205 करोड़ रुपये दिए थे, जो जारी किया जा चुका है। हिमाचल सरकार ने भी 100 करोड़ कॉरपस फंड के रूप में दिए हैं। इसमें से 88 करोड़ जारी कर दिए गए हैं। उधर, विधायक आशा कुमारी ने अनुपूरक सवाल में कहा कि चंबा जिला में भी लंबी पेंडेंसी है। इसे जल्द पूरा किया जाए। विधायक जगत नेगी ने 5 महीने से मजदूरों को दिहाड़ी न मिलने के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा योजना को यह सरकार खत्म नहीं कर सकती। पंचायतों में सभी प्रधान फर्जी मस्टररोल भर रहे हैं। मिस्त्री की दिहाड़ी 321 रुपये मिल रही है, जबकि मिस्त्री जब कहीं और काम करते हैं तो 900 रुपये तक दिहाड़ी लेते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने मनरेगा में आधारभूत परिवर्तन किया है। कई नए काम इसमें जरूरत के हिसाब से जोड़े गए हैं। उन्होंने माना कि दिहाड़ी के 2 करोड़ 20 लाख तथा मैटीरियल कंपोनेंट के 3 करोड़ 83 लाख लंबित हैं। 

नहीं बढ़ेगी आय सीमा, विपक्ष ने घेरी सरवीण 
आय प्रमाणपत्र बनाने के लिए आयसीमा 35 हजार में सरकार कोई बदलाव नहीं करेगी। इसे बढ़ाने का फिलहाल सरकार का कोई इरादा नहीं है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, सतपाल रायजादा और अरुण कुमार के संयुक्त सवाल के जवाब में दी। 

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55 हजार बस्तियों को साढे़ नौ हजार योजनाओं से दे रहे पेयजल

जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश की 55,304 बस्तियों को 9,526 योजनाओं से पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर को नल देने की योजना वर्ष 2024 तक है। जल जीवन मिशन के तहत 2240.10 करोड़ केंद्र सरकार से मिले हैं। चालू वर्ष में 1429.08 करोड़ का प्रावधान है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश को 57.15 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी गई है। 2020-21 में 221.28 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली है। आठ जिलों की 24 योजनाओं का समझौता होना है। इससे 1583 बस्तियों के 20,663 घरों में नल लगेंगे।  विधायक रोहित ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 तक गांवों के हर घर को नल से पानी की आपूर्ति होगी।

जलजीवन मिशन से 7.63 लाख नल दिए गए हैं। वर्ष 2019-20 में 1.61 लाख, वर्ष 2020-21 में 3.80 लाख, वर्ष 2021-22 में 2.47 लाख, जल जीवन मिशन के तहत कुल 7.88 लाख नलके लगाए हैं। अभी 1.77 लाख नल दिए जाने हैं। 
अभी प्रदेश के 3 जिलों, 17 खंडों, 1832 पंचायतों और 12,869 गांवों के सभी परिवारों को नल उपलब्ध कराए हैं। प्रदेश में 56 प्रयोगशालाएं हैं। 14 प्रयोगशालाएं जिला और 42 प्रयोगशालाएं उप मंडल स्तर की हैं। 14 जिला प्रयोगशालाओं को मान्यता मिल गई है। 21 उप मंडल प्रयोगशालाओं को मान्यता मिल गई है। सरकार इस वित्तीय वर्ष में 10 नई प्रयोगशालाएं खोलेगी। वर्ष 2021 में  कुल 1,53,477 नमूनों की जांच की गई। केवल 14 नमूने दूषित नमूने पाए हैं। इसके अलावा 1,01,517 जल नमूनों की फील्ड टेस्ट किट से भी जांच की गई। वर्ष 2021-22 में सभी गांवों को फील्ड टेस्ट किट दी हैैं। 
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लिप्पा में सेना को दी जमीन में बदलाव नहीं करेगी सरकार

हिमाचल सरकार किन्नौर के लिप्पा गांव में सेना को चयनित भूमि के स्थान पर किसी और स्थान पर भूमि उपलब्ध करवाने का कोई विचार नहीं रखती है। सरकार ने यह जानकारी विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल के लिखित जवाब में दी है। सरकार ने कहा है कि इस भूमि के स्थान पर कोई औरत स्थान इसलिए उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, क्योंकि सेना ने उपयोगिता से संबंधित पहलुओं व दूसरे विकल्पों को देखने के बाद इस भूमि का चयन किया है। लिप्पा गांव में सेना को वन भूमि हस्तांतरण संबंधित प्रकरण वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अंतर्गत प्राप्त हुआ है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है।

ओबीसी को मिल रहा 12 और 18 फीसदी आरक्षण
सरकार के अधीन सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग को सीधी भर्ती में भरे जाने वाले पदों में श्रेणी एक व दो के पदों में 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। साथ ही श्रेणी 3 व 4 के पदों में 18 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। प्रदेश सरकार ने यह जानकारी विधायक पवन कुमार काजल के सवाल के लिखित जवाब में दी है। यह आरक्षण कार्मिक विभाग के 12 दिसंबर 1997 के पत्र के अनुसार प्रदान किया जा रहा है।

सिपाहियों को मिल रहा 210 का राशन भत्ता दे रही सरकार
पुलिस कर्मियों को सरकार राशन भत्ते के रूप में प्रतिमाह 210 रुपये दे रही है। यह जानकारी सरकार ने विधायक राकेश सिन्हा के एक सवाल के लिखित जवाब में दी है। सरकार ने बताया कि 1 जून 2017 के बाद से अब तक इस राशन भत्ते में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही सरकार ने यह भी बताया है कि 2015 से पहले और बाद में भर्ती हुए पुलिस कांस्टेबल लोको 7810 रुपये का शुरुआती वेतन दिया जाता है।
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