14वें वित्तायोग के तहत दी गई धनराशि को समय पर खर्च न करने वाले ग्राम पंचायत प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि वर्ष 2015-16 से सभी ग्राम पंचायतों को 1420 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी लेकिन पंचायतें केवल 800 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई हैं। कंवर ने चेतावनी दी कि आवंटित धनराशि खर्च करने में विफल रहने पर पंचायत प्रधानों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें बची हुई धनराशि पंचायतीराज विभाग को वापस करनी होगी।
कंवर ने कहा कि धनराशि राज्य की सभी 3226 पंचायतों में सीधे हस्तांतरित कर दी गई थी। इसका उपयोग पंचायतों द्वारा विभिन्न विकासात्मक कार्यों विशेषकर सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सड़कों के निर्माण व मरम्मत, सार्वजनिक शौचालय, हैंडपंप व अन्य सार्वजनिक संपत्ति के कार्यों के लिए किया जाना था। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायत की मासिक बैठक के दौरान 14वें वित्तायोग के तहत की जा रही विकासात्मक कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए और पंचायती राज निदेशालय को इस संबंध में रिपोर्ट भेजने को कहा।