अभी तक एक परिवार से चार से पांच सदस्य सजा रहे सड़कों पर दुकानें, अब नहीं बनेंगे पहचान पत्र
बिना पहचान पत्र सामान बेचने पर लगेगा दो हजार रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों में अब एक ही परिवार के चार से पांच सदस्य अपनी दुकानें नहीं सजा सकेंगे। नगर निगम एक परिवार से एक सदस्य को ही तहबाजारी की मंजूरी देगा। इसके लिए बाकायदा उसे पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
इसके बावजूद यदि परिवार के बाकी सदस्य अपनी दुकानें सजाते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार दो हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नगर निगम के अनुसार शिमला शहर में अभी कई परिवार ऐसे हैं जिनके दो से तीन सदस्य तहबाजारी चला रहे हैं। कई जगह परिवार के चार से पांच सदस्यों की दुकानें भी हैं। शहर के लोअर बाजार, रामबाजार, रिवोली मार्केट, लक्कड़ बाजार और सब्जी मंडी में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। नगर निगम सदन में पार्षदों ने भी इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद फैसला लिया गया है कि अब परिवार से एक सदस्य को ही नगर निगम तहबाजारी पहचान पत्र जारी करेगा। इससे शहर में तहबाजारियों की संख्या भी कम होगी और सड़कों से अतिक्रमण भी कम होगा। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि अब परिवार से एक सदस्य का ही पंजीकरण होगा। उसे नगर निगम की ओर से पहचान पत्र जारी होगा।
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छह तहबाजारियों का सामान किया जब्त
शिमला। नगर निगम की टीम ने रविवार को शहर के बाजारों का औचक निरीक्षण कर बिना अनुमति बैठे छह तहबाजारियों का सामान जब्त कर लिया। निगम टीम ने लोअर बाजार से पांच, जबकि संजौली बाजार से एक तहबाजारी का सामान जब्त किया है। ये तहबाजारी दूसरे राज्यों से सामान लेकर रविवार को शिमला पहुंचे थे। शहर में रविवार को सिर्फ पंजीकृत तहबाजारियों को ही सामान बेचने की अनुमति है। निगम हर रविवार अभियान चलाकर बाहरी राज्यों से आए और बिना पहचान पत्र सामान बेचने वाले तहबाजारियों पर कार्रवाई करता है। रविवार को कुल छह तहबाजारियों पर कार्रवाई की गई है।