प्रदेश हाईकोर्ट ने वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और मुख्य अरण्यपाल को कोर्ट के आदेशों की अनुपालना न करने पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी व न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं संजीव कुमार, गुलाब सिंह द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
मामले के अनुसार हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में पारित आदेशों के तहत वन विभाग को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ताओं को काम होने की एवज में लगातार नौकरी पर रखे। वन विभाग ने याचिकाकर्ताओं को काम उपलब्ध होने के बावजूद भी नौकरी पर नहीं रखा। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि वन विभाग में काम उपलब्ध है लेकिन विभाग जानबूझकर उनको नौकरी पर वापस नहीं रख रहा है और इस तरह विभाग ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है।
कोर्ट ने मामले पर सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2019 को वन विभाग से शपथ पत्र के माध्यम से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। हाईकोर्ट ने विभाग द्वारा दायर शपथ पत्र से असंतुष्टि जताते हुए इन अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा है। कोर्ट ने इन अधिकारियों को मामले से जुड़े तमाम दस्तावेजों को भी कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले पर सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी।