हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के गांव पोह की डॉ. छेरिंग दिकित बीएसएफ में बतौर पशु चिकित्सा सहायक सर्जन (सहायक कमाडेंट) के रूप में सेवाएं देंगी। बीएसएफ में चयन होने के बाद उनके गांव में खुशी का माहौल है।
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पिता अंगचुक दोरजे और माता चेरिंग जंगपो के घर जन्मी डॉ. छेरिंग ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली से बीवीएससी और स्नातक की है। वर्तमान में इसी संस्थान से पशु चिकित्सा में स्नातकोत्तर की डिग्री कर रही हैं। डॉ. छेरिंग को स्नातक पाठ्यक्रम के लिए स्वर्ण पदक भी मिला है। साथ ही डॉ. छेरिंग राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृत्ति और योग्यता छात्रवृत्ति का प्राप्तकर्ता हैं। डॉ. छेरिंग का कहना है कि सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।