गुरिंदर सिंह पर 24 मार्च 2026 को शिमला के पुलिस स्टेशन बालूगंज में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार 23 मार्च 2026 को शोघी इलाके में एक व्हाइट कार से 17.530 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। कार में गुरिंदर सिंह और उनका साथी रूपिंदर सिंह मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि सूचना के आधार पर छापेमारी में यह नशा बरामद किया गया। विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार ने कहा कि बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा इंटरमीडिएट क्वांटिटी की है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कठोर शर्तें इस मामले में लागू नहीं होतीं। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह सम्मानजनक परिवार से हैं और समाज में गहरी जड़ें रखता है। ज्यादातर गवाह पुलिस अधिकारी हैं, इसलिए गवाहों को प्रभावित करने की आशंका कम है। अदालत ने गुरिंदर सिंह को एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बॉन्ड और एक स्थानीय श्योरिटी
के साथ जमानत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर जमानत रद्द की जा सकती है। ब्यूरो