एबीवीपी के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य
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छात्रों से जुड़ीं समस्याओं, फीस वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद(एबीवीपी) ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर दी है। एबीवीपी 7 से 20 फरवरी तक आंदोलन करेगी। धरना प्रदर्शन, सांकेतिक भूख हड़ताल और कक्षाओं का बहिष्कार जैसे आंदोलन होंगे। बुधवार को नाहन में पत्रकारों से बातचीत में एबीवीपी के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अंशुल शर्मा और जिला संयोजक अंकित शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनको लेकर छात्र संघ सरकार के खिलाफ गुस्से में है।
उन्होंने कहा कि आज यह मुद्दे प्रदेश की जनता पर विपरीत प्रभाव डाल रहे हैं। सड़कों की हालत दयनीय होने से हादसे बढ़ रहे हैं। छात्र संघ चुनाव बहाल करने, केंद्रीय विवि के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने, प्रदेश विवि के परीक्षा और पुनर्मूल्यांकन के परिणामों को तुरंत घोषित कराने, प्रदेश तकनीकी विवि में शिक्षकों और गैर शिक्षकों की जल्द नियमित भर्तियां करने, कृषि विवि पालमपुर, वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय नौणी में फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की।
छात्र पदाधिकारियों ने सरकारी मेडिकल कालेजों में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने, सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर प्रतिबंध लगाकर नियमित भर्ती करने और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में खाली पड़े पदों की भरने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर एबीवीपी 7 फरवरी को कॉलेजों में प्राचार्य के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 10 और1 फरवरी को कॉलेजों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। 12 फरवरी को इकाई स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
14 फरवरी को जिला केंद्रों पर धरना और उपायुक्त के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजे जाएंगे। 17-18 फरवरी को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। 20 फरवरी को कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर जिला सोशल मीडिया संयोजक मुकुल, नाहन इकाई अध्यक्ष दीपक शर्मा मौजूद रहे ।