विवि प्रशासन, सीएम और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी
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माइग्रेशन फीस 600 से बढ़ाकर 1300 रुपये की : ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर शिमला में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने फीस वृद्धि के विरोध में धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग उठाई।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि माइग्रेशन फीस 600 से बढ़ाकर 1300 रुपये, डुप्लीकेट डिग्री शुल्क 300 से 600 रुपये और दस्तावेज संशोधन शुल्क 600 से 1200 रुपये कर दिया है। उनका दावा है कि कुछ स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में करीब 7,500 रुपये तक की वृद्धि हुई है। विशेष परीक्षा, प्रति पेपर और प्रायोगिक परीक्षा शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर पड़ेगा। अक्षय ठाकुर ने विश्वविद्यालय में डिजिटल पुस्तकालय के निर्माण, नए छात्रावास, मौजूदा छात्रावासों में सुरक्षा और भोजन व्यवस्था सुधारने, छात्रावासों में पुस्तकालय सुविधा, पार्किंग, इंडोर स्टेडियम, गैर शिक्षकों की भर्ती और केंद्रीय पुस्तकालय के प्रत्येक टेबल पर चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की बसों की संख्या घटने से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। केंद्रीय पुस्तकालय के शौचालय में पाइप लीकेज की समस्या भी लंबे समय से बनी हुई है। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि फीस वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया और लंबित मांगें पूरी नहीं हुईं तो छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे।