इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि फीस वृद्धि और अन्य समस्याओं को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में युवाओं और छात्रों से जुड़े कई मुद्दों पर अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री को मांग-पत्र भी सौंपा। एबीवीपी का दावा है कि मुख्यमंत्री ने मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कार्यालय मंत्री आदित्य अत्रि ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
सहायक प्रोफेसर भर्ती में राहत की मांग
एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सहायक प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए। संगठन ने मांग की कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में होने वाली भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को पर्याप्त तैयारी का समय दिया जाए। एनएसयूआई ने यह भी मांग रखी कि यूजीसी-नेट उत्तीर्ण कर चुके अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भी आवेदन और परीक्षा में बैठने का अवसर मिले। एनएसयूआई प्रभारी जसवंत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा का भरोसा दिया है।
एसएफआई ने उठाया चुनाव बहाली का उठाया
एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने मुख्यमंत्री को मांग-पत्र सौंपा। संगठन ने छात्र संघ चुनाव की बहाली, फीस वृद्धि वापस लेने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की मांग की। एसएफआई ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप बहाल किया जाना चाहिए। संगठन ने नए छात्र और छात्रा छात्रावास निर्माण, विश्वविद्यालय की वित्तीय पारदर्शिता, शिक्षकों की पूर्व भर्तियों की जांच और प्रशासनिक सुधारों की मांग भी उठाई। एसएफआई का कहना है कि बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा कठिन होती जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बात कर उनकी मांगें सुनी। फीस वृद्धि पर उन्होंने कहा कि हालांकि विश्वविद्यालय ने कई सालों बाद बहुत कम फीस बढ़ाई है इस पर विचार किया जाएगा। एचपीयू के लिए बसों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि छात्र संघ चुनाव करवाने पर भी विचार किया जाएगा।