एकसाथ तीन प्रतियोगी परीक्षाओं के आने से हजारों युवा असमंजस में हैं। छह दिसंबर को एकसाथ तीन प्रतियोगी परीक्षाएं होने से युवा इस दुविधा में हैं कि वे कौन सी परीक्षा दें कौन सी छोड़ें। युवाओं की इस समस्या को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गंभीरता से लेते हुए इसे मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। छह दिसंबर को केसीसीबी, आईबीपीएस और एसएससी की परीक्षा तय हुई है।
एबीवीपी के विवि इकाई अध्यक्ष गौरव और सचिव अंकित जमवाल ने कहा कि परीक्षाओं के एक ही दिन आने से प्रदेश के कई हजार छात्र परेशानी में हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और स्कूल शिक्षा बोर्ड से केसीसी की परीक्षा तिथि बदलने की मांग की है। गौरव और अंकित ने कहा कि युवाओं की इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
यदि यह तिथि नहीं बदली और परीक्षा की दोबारा से डेट तय न की तो एबीवीपी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परीक्षा तिथि बदलने की मांग करेगी। इसको लेकर सीएम को मांगपत्र सौंपा जाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अधिकतर बेरोजगार युवाओं ने इन तीन में से दो तो किसी ने तीनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है और इसके साथ ही कई माह तक परीक्षा की तैयारियां की हैं।
रोजगार पाने की चाह में मेहनत कर रहे ये युवा परीक्षा क्लैश होने से अब एक ही परीक्षा दे पाएंगे। इसलिए संगठन नेताओं ने सरकार और मुख्यमंत्री से मांग की है कि कम से कम कांगड़ा कोआपरेटिव बैंक की प्रतियोगी परीक्षा की तिथि को बदल दिया जाए। परीक्षार्थी आईबीपीएस और एसएससी की परीक्षा दे सकें।
उन्होंने कहा कि इस एक तिथि बदलने से बेरोजगार युवाओं को भारी राहत मिलेगी, वे परीक्षा दे पाएंगे, वहीं इन परीक्षाओं के फार्म भरने पर खर्च की गई न्यूनतम 6 से 7 सौ की राशि भी बर्बाद होने से बच जाएगी। इन तीनों परीक्षाओं में अपीयर होने वाले एचपीयू से ही एक हजार से अधिक छात्र हैं।