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एल्पस फतह करके आकृति ने बनाया रिकॉर्ड

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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बेटी के साहस और जज्बे ने देश का मान बढ़ाया है। 20 वर्ष की उम्र में यूरोप की सबसे ऊंची और दुनिया की दूसरे नंबर की एल्पस चोटी को फतह कर न सिर्फ पहली, बल्कि देश की सबसे कम उम्र की पर्वतारोही भी बन गई हैं। नूरपुर के सुल्याली पंचायत की आकृति हीर ने यह कारनामा कर दिखाया है।
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भारतीय समय के अनुसार वीरवार दोपहर करीब डेढ़ बजे आकृति ले एल्पस चोटी पर तिरंगा फहराया। इसके बाद उन्होंने सेटेलाइट से इसकी सूचना परिजनों को दी। आकृति की इस कामयाबी पर उनके पैतृक गांव सुल्याली में खुशी की लहर दौड़ गई है।

19 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आकृति समेत चार सदस्यीय दल को राष्ट्रीय ध्वज देकर दिल्ली से इस मिशन के लिए रवाना किया था। छह दिन के कड़े संघर्ष के बाद आकृति और उनके साथियों ने एल्पस चोटी पर तिरंगा फहराया।
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घर लौटने पर होगा भव्य स्वागत

यह खबर मिलते ही शुक्रवार को आकृति के पिता कृष्ण हीर, माता सरबजीत कौर और दादी स्वर्ण कौर को बधाइयों का तांता लग गया। पिता कृष्ण सिंह हीर ने बताया कि वह बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं।

29 जुलाई को आकृति घर लौट रही हैं। कंडवाल में गर्मजोशी से स्वागत किया जाएगा। उधर, विधायक अजय महाजन, नूरपुर नगर परिषद की अध्यक्ष कृष्णा महाजन, पूर्व अध्यक्ष राकेश महाजन, एसडीएम और डीएसपी, जिला पार्षद अशोक शर्मा आदि ने आकृति हीर और उनके पिता को बधाई दी है।
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गंगोत्री फतह कर चुकी हैं आकृति

इससे पहले आकृति हीर उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में करीब 16 हजार फीट ऊंची गंगोत्री चोटी को भी फतह कर चुकी हैं। इसके लिए उन्हें एवरेस्ट फतह करने वाली प्रथम महिला पर्वतारोही बिछेंद्री पाल सम्मानित भी कर चुकी हैं।

वर्तमान में आकृति पठानकोट (पंजाब) के एक निजी संस्थान से बीसीए कर रही हैं। उन्होंने अपनी दसवीं तक पढ़ाई सुल्याली गांव के विवेकानंद पब्लिक स्कूल तथा जमा दो तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुल्याली से की है।
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