ठियोग की जैस घाटी में चिह्नित की 10 बीघा भूमि पर होगा डिपो का निर्माण, शिमला शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में होगा संचालन
ढली में बनेगी स्टेशन पर एक साथ चार्ज होंगी आठ बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और वितरण की प्रक्रिया जारी है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत खरीदी जा रही इन बसों में से शिमला जिले के तारादेवी डिपो को अब तक पांच इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं। वहीं शिमला शहरी और ग्रामीण डिपो को भी जल्द नई बसें मिलने वाली हैं।
चार्जिंग आधारित इन प्रदूषण-मुक्त बसों के संचालन के लिए सरकार और परिवहन निगम के निर्णय के अनुसार शिमला जिले के ठियोग में क्षेत्रीय स्तर का अलग डिपो बनाया जाएगा। इसके लिए ठियोग की जैस घाटी में 10 बीघा भूमि चिह्नित की है। इस भूमि को उद्योग विभाग से परिवहन निगम के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस डिपो से शिमला शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। बसों के रखरखाव के लिए ठियोग में अत्याधुनिक वर्कशॉप भी बनाई जाएगी। चार्जिंग स्टेशन पहले ही स्थापित किया जा चुका है। वहीं शिमला के ढली में एक साथ आठ बसों को चार्ज करने की क्षमता वाला चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया है।
परिवहन निगम की तैयारियों से स्पष्ट है कि शिमला शहर के साथ ऊपरी शिमला के ठियोग, कोटखाई, नेरवा, नारकंडा, कुमारसैन और रामपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी जल्द इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। तारादेवी डिपो में पहुंची पांच बसों सहित अन्य नई बसों का संचालन डिपो निर्माण और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद शुरू किया जाएगा। इन बसों के संचालन से शिमला शहर के साथ पूरे जिले में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद है।
शिमला शहर और ग्रामीण डिपो को मिलेंगी 50 ई-बसें
इलेक्ट्रिक बसों के वितरण के दूसरे चरण में शिमला सिटी ऑपरेशन और शिमला ग्रामीण डिपो को 25-25 बसें मिलने की संभावना है। इसके साथ ही जिले को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 55 हो जाएगी। इससे दोनों डिपो में बसों की कमी काफी हद तक दूर होगी और शहर तथा जिले की लाखों आबादी को आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
कोट
प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक बसों के प्रभावी संचालन और रखरखाव के लिए पांच क्षेत्रीय डिपो बनाए जा रहे हैं। इनमें ठियोग भी शामिल है। सुन्नी, ठियोग और शिमला में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। ठियोग की जैस घाटी में डिपो और वर्कशॉप के लिए 10 बीघा भूमि चिह्नित की गई है। भूमि को परिवहन निगम के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। शिमला शहरी और ग्रामीण डिपो को भी जल्द इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
-देवासेन नेगी, मंडलीय प्रबंधक (डीएम), शिमला एचआरटीसी