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Shimla: शातिरों ने एलन मस्क के नाम से फोन कर ठग लिए 11.87 लाख रुपये, जानें पूरा मामला

Wed, 21 Jan 2026 11:58 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

एक मामले में एक व्यक्ति को दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के नाम से फोन आया। पीड़ित को करोड़ों की नकदी, सोना और उपहार का लालच दिया फिर 11.87 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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साइबर अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर ठग लोगों से धोखाधड़ी के नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसी तरह के एक मामले में एक व्यक्ति को दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क के नाम से फोन आया। पीड़ित को करोड़ों की नकदी, सोना और उपहार का लालच दिया फिर 11.87 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएसएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में शिमला थाना क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ने बताया कि 18 जुलाई 2025 को एक ऑनलाइन एप्लीकेशन ब्राउजर करते समय कथित तौर पर एक व्यक्ति ने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। इसमें साइबर ठग ने उन्हें खुद को टेस्ला कंपनी का सीईओ एलन मस्क बताया। झांसा दिया कि यह एक नया टेस्ला मॉडल है। इसमें उन्हें एक कैश पैकेज, 23 मिलियन रुपये की कीमत का सोना और एक उपहार मिलेगा। 

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ठगों ऐसे हड़प लिए लाखों रुपये
इतना बड़ा ऑफर मिलने की उम्मीद में शिकायतकर्ता ने फोन करने वाले ठगों पर भरोसा कर लिया। इसके बाद उन्हें साइबर ठगों ने झांसे में लेने के लिए डिलीवरी टीम का नंबर 17189056811 दिया। इसके बाद में बदलकर नंबर 17537796042 कर दिया गया। टेस्ला मॉडल और उपहार का लालच देकर उनसे 2,000, 5,000, 5,000, 25,000 और 10,000 रुपये किस्तों में लेकर 11,87,644 रुपये की राशि हड़प ली गई। लंबे समय तक उनसे लाखों की राशि हड़पने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला और साइबर ठग बार-बार पैसे की मांग करते रहे तो उन्हें अपने साथ होने वाली धोखाधड़ी के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की लिखित शिकायत पुलिस थाना छोटा शिमला में दर्ज करवाई, तब जाकर उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 66 सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

लालच, डर दिखाकर लाखों की ठगी कर रहे शातिर
प्रदेश में हर साल सैकड़ों लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसमें लोगों को पुलिस, सीबीआई, कस्टम अधिकारी के नाम पर डिजिटल अरेस्ट होने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठे जा रहे हैं। कई मामलों में लोगों की उपहार, दोस्ती के नाम पर बहला फुसलाकर धोखाधड़ी की जा रही है। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर हर रोज सैकड़ों ऐसी कॉल प्रदेशभर से आती हैं, जिसमें लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी हो रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन सक्रिय ऐसे साइबर अपराधियों से सचेत रहें और किसी के डर, बहकावे और लालच में आकर अपनी जिंदगी भर की कमाई न गंवाए। 
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करोड़ों की ठगी को अंजाम दे चुके हैं शातिर 
प्रदेश में साइबर ठग लोगों से करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दे चुके हैं। इसमें लोगों को डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी, विदेश से मिलने वाले उपहार, बैंक अधिकारी चनकर ई-केवाईसी, मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती के नाम पर ठग चुके हैं। पिछले वर्ष ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर डॉक्टर से 2.7 करोड़ की साइबर ठगी का मामला सामने आ चुका है। राज्य सहकारी बैंक का सर्वर हैकर 11:30 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी की भी शातिर अंजाम दे चुके हैं। इसके अलावा पिछले दिनों सेवानिवृत कर्मचारियों को बैंक अधिकारी बनकर भी लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा चुका है। खासकर सेवानिवृत्त कर्मचारी साइबर ठगों के निशाने पर हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पास बैंक खातों में अच्छी खासी रकम होती है तो इसके साथ ही वह सोशल मीडिया पर जाने में इस तरह के लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जिससे कि वह साइबर ठगों के निशाने पर आ जाते हैं। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी है।
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