इससे पहले भी पुलिस ने कई बार कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस निजी समेत सरकारी बसों के भी चालान कर चुकी है। फिर भी ओवरलोडिंग रूकने का नाम नहीं ले रही।
हैरानी की बात है कि बीते साल नवंबर माह में जलाल पुल के पास हुए निजी बस हादसे में गई 10 लोगों और पांच जनवरी को खड़कोली के समीप गिरी स्कूल बस में सात बच्चों समेत आठ लोगों की मौत के जख्म अभी भर भी नहीं पाए हैं।
उधर, डीएसपी दुष्यंत सरपाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निजी बस संचालक के खिलाफ अमल में लाई गई है। उन्होंने बताया कि बस की आरसी और परमिट कब्जे में लिया गया है। उन्होंने बताया कि परिवहन ऑथोरिटी को बस का रूट परमिट रद्द करने की सिफारिश भी की जाएगी।