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तय समय में मिलेगी एक हेक्टेयर वाले प्रोजेक्टों की वन मंजूरी: जयराम

Tue, 05 Feb 2019 06:44 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश में जहां भी एक हेक्टेयर के अंदर के विधायक प्राथमिकता प्रोजेक्ट हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से फारेस्ट क्लीयरेंस दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह आश्वासन कांगड़ा से विधायक पवन काजल के सवाल के जवाब में दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि केंद्र की ओर से तय मानकों के अनुसार ही वन भूमि पर किसी कार्य के लिए अनुमति मिल सकती है और हिमाचल की लगभग हर सरकारी भूमि वन भूमि है। ऐसे में कोशिश की जाएगी कि इन नियमों को कुछ सरल किया जाए ताकि विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त न हो। 

सीएम ने कहा कि 18 जनवरी को इस संबंध में उन्होंने खुद अधिकारियों से बैठक कर लंबित प्रोजेक्टों की समीक्षा कर अधिकारियों को एक हेक्टेयर वाले प्रोजेक्टों को मंजूरी देने को कहा था। इससे पहले पवन काजल ने कहा कि फारेस्ट क्लीयरेंस न मिलने से काम कराने में दिक्कत आ रही है।
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विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि आम लोग नियमों के बजाय इस बात पर ज्यादा जोर देते हैं कि उनके क्षेत्र का काम शुरू हुआ या नहीं। ऐेसे में सरकार को डीपीआर बनाने और काम शुरू कराने से पहले नियमों को सरल करने की कोशिश करनी चाहिए। 

पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग की बहाली का प्रयास करेंगे : सीएम

सामरिक महत्व के पुराने हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को पूरी तरह बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास करेगी। अपने बजट से तो इस सड़क को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही केंद्र से भी किसी न किसी योजना के तहत इस सड़क को चालू हालत में रखने के लिए कोशिश की जाएगी।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी मंगलवार को बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान दी। किन्नौर से कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क के तीन हिस्से हैं, जिनमें एक छोटे और दूसरा बड़े वाहनों के लायक है।

इसके अलावा तीसरा हिस्सा है, जिसे दुरुस्त करने के लिए बजट जारी किया गया है। विधायक का कहना था कि बजट काफी कम है और चूंकि आपदा और सामरिक दृष्टि से यह सड़क महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसके लिए केंद्रीय योजना के तहत बजट की व्यवस्था की जानी चाहिए।

‘सरकारी भवन में चलाएं पशु औषधालय’

पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने आश्वासन दिया है कि सरकार प्रयास कर रही है कि सरकारी संस्थान सरकारी भवनों में ही चलें। साथ ही कर्मचारियों की कमी को भी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

कंवर ने यह बात पच्छाद से विधायक सुरेश कुमार कश्यप के सवाल के जवाब में कही। कश्यप ने कहा कि ज्यादातर औषधालय निजी भवनों में चल रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों की कमी की वजह से पशुओं के उपचार में दिक्कत आ रही है।

वहीं, रिक्त पदों को लेकर विभाग की ओर से दी गई जानकारी पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जवाब में दी जानकारी में प्रिंटिंग गलती है। हालांकि, मंत्री ने कहा कि उनकी मांग जायज है और सरकार इस पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने किया ई-विधान विवरणिका और ई-विधान एप का शुभारंभ

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को ई-विधान विवरणिका जारी करने के अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश विधानसभा के ई-विधान एप्लीकेशन का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों के लिए फिर से हिमाचल मॉडल राज्य बना है। नगर निगमों में भी ई-विधान मॉडल अपनाया जाएगा। ई-विधान और ई-विधान एप के बारे में 8 को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शिमला में विधानसभा परिसर में कहा कि राज्य विधानसभा का यह प्रयास प्रशंसनीय है, जिससे विधानसभा सत्र के दौरान वाहनों की अनावश्यक आवाजाही रोक सुनिश्चित से न केवल विधायी मामलों से संबद्ध जानकारी समय पर उपलब्ध हो रही है, बल्कि इससे राज्य के लोगों की बेहतर सेवा मिलने लगी है।

उन्होेंने कहा कि राज्य विधानसभा को ई-विधान के लागू होने के बाद देश की पहली उच्च तकनीक वाली कागज रहित विधानसभा होने का सौभाग्य प्राप्त है। इसने न केवल कागजी उपयोग को कम हुआ है बल्कि सूचनाओं के तेजी से प्रसार के लिए ई-गवर्नेंस समाधानों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया है।

विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्रों के प्रबंधन में ई-कांस्टीच्वेंसी प्रबंधन बहुत मददगार साबित हो रहा है। अब जो बजट पेश किया जा रहा है वह इस एप के जरिए पर ऑनलाइन उपलब्ध होगा। विधानसभा अध्यक्ष के निदेशक आईटी धर्मेश कुमार शर्मा ने ई-विधानसभा की प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। संसदीय कार्य और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और शहरी विकास मंत्री सरवीन चौधरी सहित अन्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

उच्चस्तर से हो रही शिमला परवाणू 4 लेन की निगरानी

 शिमला परवाणू के बीच चल रहे चार लेन बनाने के कार्य की केंद्रीय परिवहन मंत्रालय उच्चतम स्तर से निगरानी कर रहा है। साथ ही इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से आपत्ति दर्ज कराने के बाद कार्य कर रही एजेंसी को जरूरी निर्देश भी जारी किए गए हैं।

यह जानकारी प्रदेश सरकार ने विधायक डा धनीराम शांडिल के सवाल के लिखित जवाब में दी है। सरकार ने बताया कि फोर लेन के काम की गुणवत्ता व देरी को लेकर केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क किया गया था।

जिसके बाद दोनों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि हर फोरलेन के कार्य की उच्चतम स्तर से निगरानी की जा रही है। सरकार ने बताया कि केंद्र ने आश्वस्त किया है कि गुणवत्ता पूर्ण तरीके से कार्य जल्द पूरा करने के साथ परिवहन बाधित न हो इसके लिए फील्ड स्टाफ व ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं।
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कुल्लू क्षेत्र में चलाई जा रही इलेक्ट्रिक बसें : गोविंद 

परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि परिवहन निगम इलेक्ट्रिक बसों को कुल्लू क्षेत्र में चला रहा है। सरकार ने 22 फरवरी, 2017 को 25 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की आदेश जारी किए थे।

इसमें 12 इलेक्ट्रिक बसें 31 दिसंबर, 2017 को निगम के बेड़े में शामिल हुई, जबकि जनवरी, 2018 से 15 जनवरी 2019 के बीच निगम को 13 और नई बसें प्राप्त हुई है। इन बसों को कुल्लू में चलाया जा रहा है।

गोविंद ठाकुर ने यह जानकारी रोहडू विधायक मोहन लाल ब्राक्टा की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।  उन्होंने कहा कि रोहडू डिपो के लिए कोई भी नई बस आवंटित नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2018 तक परिवहन निगम में 437 चालक और 473 परिचालकों के पद रिक्त थे। रोहडू डिपो में जल्द ही चालक और परिचालकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा। 
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