नगर निगम में भाजपा पार्षद से दुर्व्यवहार मामले में सभी पार्षदों के एकजुट होने के बाद अब कर्मचारी यूनियन भी महिला कर्मी के समर्थन में उतर आई है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारी महिला कर्मी के साथ है। हालांकि, महिला कर्मचारी ने अभी तक इस मामले में यूनियन से मदद नहीं मांगी है। लेकिन यूनियन का कहना है कि बुधवार को फैसला लिया जाएगा कि इस मामले पर आगे क्या करना है।
यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि इस मामले को मिल बैठकर सुलझा लिया जाएगा। यूनियन के कई कर्मचारी जहां महिला नेता के समर्थन में हैं वहीं कई ऐसे भी हैं जो यूनियन को इस मामले से अलग रखना चाहते हैं। कई कर्मचारी महिला कर्मी के समर्थन में सोमवार को आयुक्त से भी मुलाकात कर चुके हैं। उधर, महिला कर्मचारी बुधवार को इस मामले में अपना जवाब भी आयुक्त को देंगी।
आयुक्त ने नोटिस जारी करते हुए महिला कर्मचारी से जवाब तलब किया था। महिला कर्मचारी पर क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला आयुक्त कर्मचारी का जवाब मिलने के बाद लेंगे। यूनियन के अध्यक्ष ओपी ठाकुर और महासचिव सुरेश शर्मा का कहना है कि यूनियन कर्मचारी के साथ है। कहा कि इस मामले को बैठकर सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
पार्षद एकजुट, मुश्किल में प्रशासन
इस मामले पर सभी दलों के पार्षद एकजुट हैं। ऐसे में प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव है। निगम प्रशासन के सामने एक ओर कर्मचारी हैं, जिनसे रोज काम लेना है तो दूसरी ओर चुने हुए प्रतिनिधि, जो जनता के कामों के लिए फाइलें लेकर निगम कार्यालय आते हैं। पार्षद लिखित माफीनामे पर अड़े हैं जबकि महिला कर्मी ऐसा करने से इंकार कर चुकी हैं। देखना होगा कि प्रशासन कैसे यह मामला सुलझाता है।