अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के बावजूद अनिवार्य सेवाएं बहाल हैं। इसके चलते सेब बाहरी राज्यों की मंडियों तक बेरोकटोक पहुंच रहा है। सेब सीजन ने रफ्तार भी पकड़ ली है। सोमवार को शिमला जिला के अलावा करसोग और साथ लगते क्षेत्रों से भट्ठाकुफर फल मंडी में 12 हजार से अधिक सेब की पेटियां पहुंचीं। सेब की आमद बढ़ने के बाद रेट में भी उछाल आया है। लेकिन ऑपरेटों ने धमकी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं की तो फिर सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।
भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश ठाकुर ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के बावजूद अनिवार्य सेवाएं बहाल हैं। शिमला से रवाना हुईं सेब की गाड़ियां निर्धारित समय पर देश की बड़ी मंडियों तक पहुंच रही हैं। सोमवार को भट्ठाकुफर फल मंडी से सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, पटना और काठमांडू तक के लिए सेब की गाड़ियां रवाना हुईं। हरीश ठाकुर ने बताया कि सोमवार शाम को भट्ठाकुफर फल मंडी से 20 ट्रक देश की विभिन्न मंडियों के लिए रवाना हुईं। ठाकुर ने बताया कि शिमला फल मंडी में बाहरी मंडियों से भारी संख्या में खरीददार पहुंचने शुरू हो गए हैं। बागवानों को फसल की बढ़िया कीमत मिल रही है।
स्पर 3500 और रायल बिका 2850 रुपये प्रति पेटी
भट्ठाकुफर फल मंडी में सोमवार को स्पर 3500 और रायल 2850 और रेड गोल्ड 1300 रुपये प्रति पेटी बिका। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश ठाकुर ने बताया कि बढ़िया किस्म के सेब को अच्छी कीमत मिल रही है।
अनिवार्य सेवाएं बहाल, बाकी सब बंद : परविंद्र
चड्ढा ट्रांसपोर्ट शिमला के संचालक एवं शिमला ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष परविंद्र सिंह वसीन ने कहा कि बीते शुक्रवार से ट्रांसपोर्टरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल चल रही है। अनिवार्य सेवाओं दूध, सब्जी, फल, दवाइयों, पैट्रोल और डीजल को छोड़कर अन्य वस्तुओं की ट्रांस्पोर्टेशन पूरी तरह बंद है। यदि केंद्र सरकार ट्रांसपोर्टरों की मांगों को पूरा नहीं करती हैं तो सभी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।