शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान पर होने वाली बड़ी रैलियों पर पाबंदी लग सकती है। रिज टैंक के छत वाले हिस्से में दो दरारें पाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन एहतियात के तौर पर सरकार को इस बारे में पत्र लिखने जा रहा है।
इसमें रिज के टैंक वाले हिस्से पर बड़ी रैलियों पर पाबंदी लगाने की मांग की जाएगी। साथ ही टैंक में आई दरारों का स्टेट्स और इसकी मरम्मत संबंधी कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी। रिज मैदान पर हर साल एक से दो बड़ी रैलियां होती हैं। पिछले साल पीएम मोदी की भी दो बड़ी रैलियां यहां हो चुकी हैं। इन रैलियों के लिए जीएडी से मंजूरी दी जाती है, लेकिन रैलियां करवाने के लिए खुद निगम प्रशासन पहले एनओसी देता है। टैंक वाले हिस्से पर बड़ी रैलियों के आयोजन पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। उधर, निगम प्रशासन का कहना है कि लोगों के भार से टैंक को खतरा नहीं है। हां, गाड़ियों के चलने या भारी भरकम स्टेज लगने से टैंक पर बोझ पड़ सकता है। लेकिन अब महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप दरारें पाए जाने के बाद निगम इस क्षेत्र में रैलियां प्रतिबंधित करने की तैयारी कर रहा है। इस क्षेत्र पर गाड़ियों की आवाजाही पहले ही बंद की जा चुकी है।
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आईआईटी रुड़की को लिखा पत्र
निगम आयुक्त कार्यालय से आईआईटी रुड़की के एक्सपर्ट को पत्र भेज दिया गया है। इसमें एक्सपर्ट को टैंक की जांच के लिए बुलाया गया है। ये एक्सपर्ट ही तय करेंगे कि 137 साल पुराने इस टैंक की मरम्मत कैसे की जा सकती है। इसके बाद निगम इसके लिए बजट का प्रावधान करेगा।
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पीएमओ तक हो चुकी शिकायत
पिछले साल 19 अप्रैल को माकपा ने बाकायदा पीएमओ को पत्र लिखकर रिज पर होने वाली पीएम मोदी की रैली का स्थान बदलने की मांग की थी। लेकिन यह रैली नहीं टली। माकपा सचिवालय सदस्य व पूर्व मेयर संजय चौहान का कहना है कि पत्र लिखने के बाद भी जो अफसर यहां रैली की अनुमति दे रहे हैं, उनपर कार्रवाई हो। यह हेरिटेज संपत्ति है, इसको बचाने का प्लान बनना चाहिए।
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ऊपरी हिस्से में दरारें : जम्वाल
रिज टैंक के ऊपरी हिस्से में दरारें पाई गई हैं। आईआईटी रुड़की से एक्सपर्ट बुलाने के लिए हमने लैटर भेज दिया है। सरकार को भी पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे रहे हैं। प्रयास रहेगा कि बड़ी रैलियों से टैंक पर ज्यादा बोझ न पड़े।
रोहित जम्वाल, नगर निगम आयुक्त
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निगम की ओर नहीं मिला कोई पत्र
रिज टैंक में दरारें होने की जानकारी मिली है, लेकिन निगम प्रशासन से फिलहाल लिखित में कोई पत्र नहीं आया है। इसके मिलने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।
अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला