हिमाचल सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों के 900 नए पद भरने का फैसला लिया है। मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उच्च शिक्षा निदेशालय को इन पदों की भर्ती के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए गए।
कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती के मामले को लेकर मंत्रिमंडल की बैठक में खूब गहमागहमी भी रही है कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नई भर्ती नीति बनाने को लेकर प्रदेश सरकार के कुछ काबिना मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के बीच वाद-विवाद भी हुआ।
कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती को लेकर अफसरशाही जहां मंत्रियों के फैसले से असहमत नजर आए, वहीं चुनावी साल में शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लेने का सरकार पर दबाव दिखा। सूत्रों के मुताबिक जब सचिवालय की अफसरशाही ने कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नीति बनाने को आनाकानी की तो आनन-फानन में शिक्षा निदेशालय से अफसरों को बैठक में तलब भी किया गया।
सचिवालय बुलाए गए इन अफसरों को एक सप्ताह के भीतर 900 पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा गया है। वर्तमान में करीब 15 सौ शिक्षक आउटसोर्सिंग के आधार पर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं। यह शिक्षक लंबे समय से नीति बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर इन शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर अपना विरोध भी जताया। विरोध जताने के बाद शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष से भी मुलाकात की। शिक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कई बार सार्वजनिक तौर पर नीति बनाने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन अफसरशाही मुख्यमंत्री को गुमराह कर रही है और फैसला लेने में आनाकानी की जा रही है।