पुलिस और जिला प्रशासन ने कुफरी में शुक्रवार रात बर्फबारी में फंसे 170 छात्रों को करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल निकाल लिया। कुफरी और छराबड़ा के पास 4 टूरिस्ट बसों में छात्र फंस गए थे। एसएचओ ढली थाना राज कुमार और नायब तहसीलदार शिमला ग्रामीण एचएल घेजटा की अगुवाई में शुक्रवार रात 8 बजे से शनिवार सुबह 6 बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एसएचओ राजकुमार ने बताया कि ढली, छराबड़ा और कुफरी के बीच ट्रैफिक व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान सूचना मिली की बर्फ पर स्किड होने से दो टूरिस्ट बसें फनवर्ड के पास फंस गई हैं।
इन बसों में महाराष्ट्र के 90 छात्र फंसे हुए थे। इसके बाद इन छात्रों को रेस्क्यू कर स्थानीय होटल में ठहराया गया। शनिवार दोपहर यह छात्र कुफरी से वापस लौट गए। छराबड़ा से ढली की ओर हसन वैली के पास दो टूरिस्ट बसें फंसने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार शिमला ग्रामीण एचएल घेजटा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घेजटा ने बताया कि दोनों बसों में राजस्थान से आए 80 छात्र फंसे थे।
सड़क पर बर्फ जमने से गाड़ियां स्किड हो रही थीं। इसके बाद बर्फ हटाने के लिए रात करीब साढ़े 12 बजे बुलडोजर मंगवाया गया। बसों के बर्फ से न निकल पाने के बाद एसडीएम शिमला ग्रामीण, नायब तहसीलदार शिमला ग्रामीण, थाना ढली और थाना सदर की गाड़ियों में इन छात्रों को रेस्क्यू किया गया। 59 छात्राओं को संजौली स्थित गुरुद्वारा और 21 छात्रों को जनजातीय भवन ढली में ठहराया गया।
यहां इनके लिए कंबल और हीटर की भी व्यवस्था की गई। नायब तहसीलदार शिमला ग्रामीण एचएल घेजटा के साथ दो पटवारी और एक ड्राइवर तथा एसएचओ ढली राजकुमार के साथ हेड कांस्टेबल कपिल, एएसआई सुलतान, कांस्टेबल अनिल, देवेंद्र और राबिन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
रेस्क्यू टीमों से संपर्क में रहे डीसी और एसपी
डीसी अमित कश्यप और एसपी ओमापति जमवाल रेस्क्यू टीम के साथ पूरी रात संपर्क में रहे। सड़क से बर्फ हटाने के लिए बुलडोजर की व्यवस्था भी अधिकारियों ने की।