सैकड़ों कारें, खचाखच भरी दर्जनों बसें जाम में फंसी रहीं, जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिवाली की छुट्टियां शुरू होने से पहले 4 नवंबर को भी ऐसा ही जाम लगा था। उस समय लोग शिमला से अपने गांवों की ओर गए थे।
छुट्टियां खत्म होने से पहले लोगों के वापस शिमला लौटने का अंदेशा होने के बावजूद पुलिस ने कोई भी पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए। रात साढ़े सात बजे तक लोग ट्रैफिक में फंसे हुए थे। एसपी शिमला ओमापति जमवाल करीब एक घंटे जाम में फंसने के बाद जब ढली चौक
पहुंचे तो गाड़ी से उतरकर खुद मोर्चा संभाल लिया। जमवाल ने बताया कि ढली चौक और मशोबरा बॉयफरकेशन के बीच सड़क संकरी होने के कारण अधिक समस्या पेश आई। हालांकि 4 इंस्पेक्टर और 10 ट्रैफिक बाइकर को जाम खुलवाने के लिए यहां तैनात किया गया था।