आपदा के लिहाज से प्रदेश संवेदनशीन
एसडीएमए की रिपोर्ट कि मुताबिक हिमाचल प्रदेश चिह्नित 33 प्राकृतिक आपदाओं में से 25 के लिहाज से संवेदनशील है। प्रदेश में भूकंप, भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ और जंगलों की आग के लिहाज से अति संवेदनशील है। ऐसे में मोबाइल संचार प्रणाली ठप हो सकती है। आपदा के दौरान वैकल्पिक संचार प्रणाली बनाने के लिए हैम ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
हैम रेडियो ऐसे करता है काम : हैम रेडियो एक रेडियो सेवा है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम का उपयोग करती है। इसका उपयोग रेडियो संचार के लिए किया जाता है। इसे संचालित करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। हैम रेडियो ऑपरेटर एक ट्रांसमीटर और रिसीवर से सिग्नल भेजते और प्राप्त करते हैं। इससे वे दुनिया भर में संचार स्थापित कर सकते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हैम रेडियो का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी का उपयोग करती है। आपातकालीन संचार, राहत कार्यों का समन्वय और आवश्यक जानकारी के आदान-प्रदान में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हैम रेडियो का उपयोग बिजली कटौती और अवरोधों के बावजूद संचार बनाए रखने के लिए किया जाता है। -डॉ. कृष्ण चंद, एसडीएमए के क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण विशेषज्ञ