उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न जिलों में अस्सी और साइटों में खनन नीलामी की तैयारी में है। अभी तक राज्य में 130 साइटों में खनन की नीलामी की गई है। प्रदेश के जिला कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, ऊना और चंबा में खनन नीलामी की जा चुकी है। इससे राज्य सरकार के खजाने में हर साल 60 करोड़ रुपये जमा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार खनन नीलामी के बाद सुनिश्चित कर रही है कि खनन उसी स्थान पर हो, जहां खनन पट्टे की नीलामी की गई है। मंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जिला शिमला में भी खनन पट्टे की नीलामी कर रही है।
शिमला जिले के पब्बर में आठ साइटों और सतलुज में एक साइट में खनन पट्टे की नीलामी की जा रही है। नियमों के अनुसार प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति में खनन पट्टे नहीं दिए जा रहे हैं। ये पट्टे नीलाम करने से पहले क्षेत्र की पंचायतों से अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जरूरी है।
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में खनन पट्टे दिए गए हैं, वहां पैनी नजर रखी जाए। यह भी देखा जाए कि जिन क्षेत्रों में खनन पट्टे नीलाम किए गए हैं, वहीं पर खनन कार्य किया जाए। अगर कोई कि सी गलत स्थान पर खनन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।