प्रदेश के 16 कॉलेजों में बीते कुछ वर्षों से विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। ऐसे में अब सरकार ने कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया है। बंद होने वाले कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नजदीकी संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा। प्रवक्ताओं, गैर शिक्षकों को आवश्यकता वाले कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। मुख्यालयों व शहरों के कॉलेजों में दूरदराज क्षेत्रों के कॉलेजों के मुकाबले विद्यार्थियों की की संख्या बेहतर है। ऐसे में सस्कार गुणात्मक शिक्षा देने के लिए ऐसे कॉलेजों को बंद करने जा रही है, जहां बीते कुछ वर्षों से विद्यार्थियों के दाखिले नहीं बढ़ रहे हैं और जहां विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम है।
मार्च 2023 में राज्य सरकार ने भाजपा सरकार के समय 1 अप्रैल 2022 के बाद खुले 17 डिग्री और दो संस्कृत कॉलेजों को भी बंद कर दिया था। 2022 में खोले गए 24 में से 19 कॉलेजों को डिनोटिफाई किया गया था। विभागीय बैठक के दौरान शिक्षा निदेशालयों के पुनर्गठन को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि इस बाबत अभी कुछ तय नहीं हुआ है। शिक्षा मंत्री ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, समग्र शिक्षा परियोजना के विशेष निदेशक राजेश शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जेबीटी, टीजीटी और सीएंडवी के 2800 पद भरने की प्रक्रिया तेज
प्रदेश के स्कूलों में जेबीटी, टीजीटी और सीएंडवी के 2800 पद भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इसी माह राज्य चयन आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। इन पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा।