33 डोजर और जेसीबी मशीनें फील्ड में बर्फ हटाने के लिए लगाए गए हैं। इसके अलावा दो निजी डोजर और दो जेसीबी हायर की गई हैं। लोक निर्माण विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए 25 हजार कर्मचारियों की फील्ड में तैनाती की है।
इन कर्मचारियों को बुधवार शाम तक मुख्य सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। फील्ड में तैनात लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई को बाधित सड़कों से संबंधित मुख्य कार्यालय में सूचना देने को कहा गया है।
कच्ची सड़कों पर नहीं चलेंगी बसें
परिवहन निगम ने प्रदेश की कच्ची सड़कों पर बसें न चलाने के निर्देश दिए हैं। परिवहन निगम का कहना है कि बर्फबारी के चलते भूस्खलन होने का खतरा रहता है। ऐसे में इन रूटों पर बसें भेजना खतरनाक भी हो सकता है। चालकों को लगातार बस चलाते वक्त एहतियात बरतने को कहा है।
और ऊपरी इलाकों में हुई बर्फबारी से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का रामपुर दौरा टल गया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को शिमला, फागू, ठियोग, नारकंडा, कुमारसैन, किंगल होते हुए रामपुर पहुंचना था,
लेकिन बर्फबारी से नारकंडा रूट बंद होने की सूचना मिलते ही सीएम कार्यालय से नया टूअर प्रोग्राम जारी कर दिया है। अब सीएम रामपुर सर्किट हाउस के बजाए आनी में रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री जयराम को आनी में पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह में आज हिस्सा लेना है।
प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने सभी जिला उपायुक्तों तथा संबद्ध विभागों को दुर्गम व कठिन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक वस्तुओं, एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल के पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग तथा राज्य विद्युत बोर्ड को सड़कों, जलापूर्ति तथा बिजली की आपूर्ति के शीघ्र बहाली के निर्देश दिए। ओंकार शर्मा ने लोक निर्माण विभाग को बहाली के कार्य के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात करने तथा मशीनरी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को बर्फ से ढके क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य विद्युत बोर्ड को प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की शीघ्र बहाली के निर्देश भी दिए। इसके अलावा बर्फबारी के कारण गिरे पेड़ों को शीघ्र हटाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि यातायात व बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।