सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने हितधारक विभागों से सूखे की स्थिति में चारे के लिए आपातकालीन योजना तैयार करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो विभागों को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
चंबा, शिमला, सोलन, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और सिरमौर जैसे जिलों में वर्षा के अभाव के कारण कृषि और बागवानी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को पानी के नियमित सैंपल लेने और गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्त उपमंडल स्तर तक प्रत्येक सप्ताह पानी की गुणवत्ता की जांच करवाना सुनिश्चित करें।
धन से संबंधित मांगों को प्रस्तुत करें डीसी : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि सभी उपायुक्त शीघ्र धन से संबंधित मांगों को प्रस्तुत करें, जिससे निधि समय पर उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि विभागों को स्थिति से निपटने के लिए पशु चारे, खाद्यान, पशु, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं, राहत कार्यों, पानी इत्यादि को लेकर सूची तैयार करनी चाहिए।
बैठक में ये भी रहे मौजूद
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार शर्मा और बागवानी, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, पशु पालन विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे।