राजधानी शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर 72 सीटर विमान उतरने की तैयारी है। 1200 मीटर रनवे की लंबाई और चौड़ाई और बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। बाधा सीमा सर्वेक्षण (ओएलएस) के लिए अथॉरिटी की टीम इन दिनों शिमला में जुटी हुई है। इस एयरपोर्ट पर सिर्फ दिल्ली से उड़ानें आती हैं, जो फरवरी से बंद हैं। शिमला से करीब 20 किलोमीटर दूर जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे का रनवे 1200 मीटर है। अभी यहां पर 42 सीटर विमान ही उतर पाता है। केंद्र ने प्रदेश सरकार की मांग पर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को हरी झंडी दे दी है।
रनवे चौड़ा और लंबा होने पर यहां एटीआर 72 को उतारने की तैयारी है। बड़े हवाई जहाज की सुरक्षित लैंडिंग को 1500 मीटर रनवे होना जरूरी है। शिमला हवाई अड्डे के तीनों ओर गहरी खाई है। ऐसे में इस हवाई अड्डे के 1200 मीटर रनवे को अब करीब 1500 तक करने की तैयारी शुरू है। आगामी एक माह के भीतर विस्तारीकरण की संभावनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के आसार हैं। यहां रनवे का विस्तार हो जाता है तो अगले साल से शिमला में दिल्ली सहित अन्य राज्यों से 72 सीटर विमान उतरना शुरू हो सकते हैं। इससे प्रदेश के पर्यटन को भी पंख लगेंगे।
हवाई यात्रा के लिए हेलीटैक्सी का है अभी विकल्प
राजधानी शिमला में चंडीगढ़, गगल और भुंतर से आने-जाने के लिए अभी हवाई यात्रा के लिए हेलीटैक्सी विकल्प है। शिमला और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह में छह दिन (रविवार को छोड़कर) हेलीटैक्सी चल रही है। गगल के लिए मंगलवार, बुधवार और वीरवार तथा भुंतर के लिए सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को बुकिंग करवाई जा सकती है। दिल्ली से फ्लाइट के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।