शहर से सटे प्लानिंग एरिया के हजारों लोगों को भी अब पेयजल कंपनी पानी पिलाएगी। योजना को लागू करने के लिए टुटू, घणाहट्टी, शोघी और कुफरी जैसे बड़े उपनगरों में कंपनी ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। 986 करोड़ रुपये के सतलुज वाटर प्रोजेक्ट से शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड कंपनी ने इन इलाकों में भी पेयजल सुविधा देने की योजना बनाई है।
शिमला प्लानिंग एरिया के अधीन दर्जनों गांव आते हैं जहां अभी आईपीएच विभाग पेयजल सुविधा दे रहा है। कंपनी शिमला शहर की तर्ज पर ही इन इलाकों के उपभोक्ताओं को भी 135 लीटर प्रति व्यक्ति खपत के अनुसार रोजाना पानी की सप्लाई देगी। इन इलाकों में छोटी परियोजनाएं होने से ज्यादातर उपभोक्ताओं को अभी सिर्फ पीने लायक पानी ही नसीब हो रहा है। बाकी घरेलू कार्यों के लिए लोग प्राकृतिक चश्मों, बावड़ियों और हैंडपंप के पानी पर ही निर्भर है।
सतलुज प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद पेयजल कंपनी ही आईपीएच की व्यवस्था को संचालित करेगी। सतलुज से शिमला पहुंचने वाला पानी पाइपलाइनों के जरिए प्लानिंग एरिया में बने आईपीएच के टैंकों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यह पानी पहले से बिछी आईपीएच की लाइनों से उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
सतलुज से मिलेगा 66 एमएलडी पानी
सतलुज वाटर प्रोजेक्ट से 2022 तक शिमला शहर को 66 एमएलडी पानी की आपूर्ति होगी। शहर की बाकी पांच परियोजनाओं को मिलाकर यह आपूर्ति 107 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। शिमला शहर में रोज पानी देने के लिए करीब 50 एमएलडी पानी की जरूरत है। ऐसे में बाकी बचे पानी की सप्लाई प्लानिंग एरिया में दी जाएगी। इससे जहां प्लानिंग एरिया के हजारों लोगों को पहले से ज्यादा पानी मिलेगा। वहीं, कंपनी की आय भी बढ़ेगी।
सीवरेेज कनेक्शन देने की भी तैयारी
कंपनी ने शहर से सटी पंचायतों में सीवरेज कनेक्शन देने का पहले ही फैसला ले लिया है। सीवरेज कनेक्शन लोगों को मिलने भी शुरू हो गए हैं। अब पेयजल कनेक्शन भी जल्द मिलने लगेंगे।
ज्यादा से ज्यादा लोगों पेयजल देंगे
प्रबंध निदेशक शिमला जल प्रबंधन निगम के धर्मेंद्र गिल ने कहा कि सतलुज वाटर प्रोजेक्ट से शिमला शहर और प्लानिंग एरिया में पेयजल मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए शिमला प्लानिंग एरिया का सर्वे शुरू कर दिया है।