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स्वच्छता ऐप के नाम पर शहरवासियों से हो रहा मजाक

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अशोक चौहान
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शिमला। स्वच्छता ऐप के नाम पर शहरवासियों से मजाक किया जा रहा है। 48 घंटे में सफाई के दावे करने वाला नगर निगम का अभियान सिर्फ वीआईपी सड़कों और मोहल्लों तक ही सिमटा है। आम जनता की शिकायतों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में शिमला की रैंकिंग बढ़ाने के लिए निगम प्रशासन शहर के हजारों लोगों से स्वच्छता ऐप तो डाउनलोड करवा रहा है। लेकिन जब इसके माध्यम से शिकायतें आती हैं तो उनमें से चुनिंदा जगहों पर ही सफाई की जा रही है।
नालों, जंगलों और सड़क किनारे लगे कूड़े के ढेर साफ नहीं किए जा रहे। वीआईपी कॉलोनियों, सड़कों और रास्तों तक ही सफाई सीमित हो रही है। लोगों ने कहना है कि इन जगहों की सफाई तो वैसे भी नगर निगम करता रहता है। लेकिन जहां सफाई की जरूरत है, वहां यह ऐप काम नहीं आ रहा। शहर में स्वच्छता ऐप कितना काम कर रहा है, इसकी सच्चाई जानने के लिए ‘अमर उजाला’ ने रियेलिटी चैक किया।
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रियेलिटी चैक में ऐसे खुली पोल
20 जनवरी को बैम्लोई नाले के पास महीनों से लगे कूड़े के ढेर के फोटो ऐप में अपलोड किए। सर्कुलर रोड के भी कुछ फोटो अपलोड किए जहां गंदगी फैली थी। 21 जनवरी निगम ने ऐप के जरिये ही दोनों शिकायतों का समाधान करने का फोटो सहित स्टेट्स डाल दिया। मौके पर जाकर देखा तो गंदगी के ढेर ज्यों के त्यों लगे हैं। जब इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से पूछा गया तो जवाब मिला कि ये लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई, साथ ही मोबाइल नंबर न होने का भी दावा किया गया। सवाल है कि जब निगम को जगह का पता ही नहीं चला तो फिर ऐप पर इसका समाधान होने का दावा क्यों किया गया? क्यों शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।
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समरहिल पार्षद की शिकायत भी नहीं देखी
समरहिल वार्ड पार्षद शैली शर्मा ने एक हफ्ते पहले समरहिल मैदान के साथ लगते इलाके में कूडे़ के ढेर की शिकायत ऐप के जरिये की। इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने कहा कि निगम की ओर से उन्हें न कोई फोन आया, न ही कोई कर्मी मौके पर पहुंचा। ऐसे में ऐप किस काम का।
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स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अफसर डॉ. नीरज मोहन से सवाल
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सवाल: ऐप से मिल रही शिकायतों पर कितने दिन में कार्रवाई होती है?
जवाब: 48 घंटे के भीतर कार्रवाई होती है। सफाई के बाद बाकायदा उस जगह की फोटो अपलोड की जाती है।
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सवाल: बैमलोई, समरहिल में शिकायत के बाद भी सफाई नहीं हुई, क्यों?
जवाब: इसका पता करेंगे कि कर्मचारियों ने सफाई क्यों नहीं की। ज्यादातर शिकायतों को तुरंत हल कर रहे हैं।
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ये है स्वच्छता ऐप
स्वच्छता ऐप आप अपने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। डाउनलोड करने के बाद ऐप आपसे लोकेशन और मोबाइल नंबर पूछेगा। इसके बाद यह चालू हो जाएगा। इसमें आप अपने गली मोहल्ले में फैली गंदगी की फोटो अपलोड कर सकते हैं। नगर निगम दो दिन के भीतर इसकी सफाई सुनिश्चित करवाएगा। स्वच्छता सर्वे में बाकायदा नगर निगम को इसके अंक मिलेंगे। इसी के आधार पर शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग तय होनी है।
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