शिमला। ठियोग के सरकारी रेस्ट हाउस में कांग्रेस के नेताओं और सरकारी अफसरों की कॉकटेल पार्टी की जांच के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। जांच अफसर उपमंडलाधिकारी ठियोग की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट वापस लौटा दी गई है। जांच अधिकारी को पूरी जांच के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता राकेश सिंघा और कॉकटेल पार्टी में मौजूद सरकारी अफसरों के बयान के बिना ही जांच रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी गई थी। आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल कोई भी राजनीतिक दल अपने निजी इस्तेमाल के लिए नहीं कर सकता। लेकिन ठियोग में माकपा और भाजपा ने कांग्रेस पर सरकारी रेस्ट हाउस का राजनीतिक पार्टी के लिए इस्तेमाल करने और पार्टी में सरकारी अफसरों के मौजूद होने का आरोप लगाया है।
जांच रिपोर्ट में थी कमियां, वापस भेजी
ठियोग मामले की जांच रिपोर्ट में कुछ कमियां थीं, इसलिए इसे वापस भेज दिया गया है। रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और सरकारी अफसरों की स्टेटमेंट मांगी गई है।
- रोहन चंद ठाकुर, जिला निर्वाचन अधिकारी, शिमला
टेलीफोन पर आई थी शिकायत : टशी
माकपा नेता राकेश सिंघा ने टेलीफोन पर शिकायत दी थी। सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो की जांच के बाद अधिकारियों के मौके पर मौजूद होने की पुष्टि हुई है, संबंधित अफसरों की स्टेटमेंट ले ली गई है। जल्द ही कंप्लीट रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज दी जाएगी।
- टशी संडुप उपमंडल अधिकारी ठियोग
डीएसपी, एक्सईएन से हो सकता है जवाब तलब
इस पूरे प्रकरण में डीएसपी ठियोग और एक्सईएन ठियोग से चुनाव आयोग जवाब तलब कर सकता है। हालांकि दोनों अधिकारियों की स्टेटमेंट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटा वायरल
ठियोग प्रकरण की वीडियो और फोटो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में नेता और अफसर परिधि गृह में बैठे दिखाई दे रहे हैं। सामने टेबल पर शराब की बोतलें और खाने पीने का सामान पड़ा है।